सही समय पर सही फैसला लेने की कला कैसे विकसित करें

जनवरी 25, 2018

जीवन में ऐसे कई अवसर आते हैं जब आपको अचानक, बहुत ही कम समय में सही फैसला लेना होता है और उस निर्णय के सही होने की जिम्मेदारी भी आपको लेनी होती है। ऐसे अवसरों पर सही और ग़लत से ज़्यादा महत्व निर्णय लिए जाने का होता है और अगर आप हालात को भांपकर तुरंत निर्णय ले पाते हैं तो आप बहुत-सी मुश्किलों से बाहर निकलने का रास्ता खोज लेते हैं लेकिन अगर आपको तुरंत सही निर्णय लेने की कला में दक्षता हासिल ना हो तो हड़बड़ी में लिया गया निर्णय मुसीबतों को निमंत्रण भी दे सकता है।

ऐसे में ये ज़रूरी है कि आप स्वयं में इस कला को विकसित करें ताकि ज़रूरत पड़ने पर आप तुरंत एक सही फैसला ले सकें। तो चलिए, आज आपको बताते हैं कि सही समय पर सही फैसला लेने की कला स्वयं में विकसित करने के लिए आपको कौनसे सरल प्रयास करने की जरुरत है –

ज़्यादा सोच-विचार करने से बचें – अक्सर ये माना जाता है कि किसी भी निर्णय पर पहुँचने से पहले अच्छे से सोच-विचार करना चाहिए ताकि बाद में पछताना ना पड़े। ऐसा करना बिलकुल सही भी होता है लेकिन जब ये सोच-विचार आवश्यकता से अधिक होने लगता है तो व्यक्ति किसी फैसले पर पहुँच ही नहीं पाता और उस निर्णय से जुड़े अवसरों और फायदों से वंचित रह जाता है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए ज़रूरी है कि किसी भी फैसले को लेने से पहले सीमित सोच-विचार करिये और निर्णय ले लीजिये।

तुरंत निर्णय लेने का अभ्यास करिये – किसी भी कला को विकसित करने के लिए उसका अभ्यास करना जरुरी होता है। ऐसा सही निर्णय लेने की कला के सम्बन्ध में भी कहा जा सकता है। अगर आप चाहते हैं कि जीवन से जुड़े अहम फैसले आप सही तरीके से और तुरंत ले सकें तो इसके लिए आज से ही अभ्यास शुरू कर दें जिसमें अपने रोज़मर्रा के छोटे-छोटे और सामान्य निर्णयों को तुरंत लेने का अभ्यास करें। ऐसा करने से आपको अपने फैसलों के परिणामों का अंदाज़ा भी होने लगेगा और बहुत जल्द आप मुश्किल परिस्थितियों में भी सही निर्णय लेने के योग्य बन जायेंगे।

फैसला लेने के लिए समय निश्चित करें – किसी भी फैसले से पहले उस विषय से जुड़े हर पहलू पर गौर करना अच्छा होता है लेकिन अगर विश्लेषण में लगने वाला ये समय असीमित हो जाए तो उस निर्णय का महत्व ही खो जाता है क्योंकि समय निकल जाने के बाद लिए गए निर्णय महत्वहीन हो जाते हैं। ऐसे में डेडलाइन तय करें और उसके ख़त्म होने से पहले ही फैसला लेने का अभ्यास करें ताकि आप ऐसा करने के अभ्यस्त हो सकें और आगे आने वाली चुनौतियां आपको विचलित ना कर सकें।

रिस्क लेने के लिए तैयार रहें – अगर आपको रिस्क लेने से डर लगता है तो आपके लिए नए मुकाम बनाना और सफल होना मुश्किल साबित हो सकता है क्योंकि किसी भी बड़े मुकाम के लिए कुछ नए प्रयास, कुछ नयी चुनौतियां और कुछ नए रिस्क लेने ही पड़ते हैं। ऐसा ही एक रिस्क होता है तुरंत निर्णय लेने का रिस्क, क्योंकि ये फैसला कितना सही साबित होगा और कितना ग़लत, ये तो आप भी नहीं जानते लेकिन अगर आप ग़लत निर्णय का डर बनाये रखेंगे तो कभी भी निर्णय लेना सीख नहीं पाएंगे।

इससे बेहतर तो यही होगा कि आप सोच समझकर सही निर्णय लेने का प्रयास करें और उस फैसले के ग़लत साबित होने की स्थिति में घबराने, डरने या निराश होने की बजाये उससे सीख लें ताकि आप आगे सही फैसले ले सकें।

दोस्तों, अगर आप चाहते हैं कि हर हाल में आप अपने जीवन को सही दिशा में बनाये रख सकें और लगातार आगे बढ़ सकें तो आपको ये कला अपने अंदर ज़रूर विकसित करनी चाहिए।

“कितना सोच-समझकर फैसला लेते हैँ आप?”

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