सनातन धर्म क्या है?

सनातन धर्म को लेकर विद्वानों के अलग-अलग मत रहे हैं जैसे किसी का मानना है कि हिन्दू धर्म को सनातन धर्म क्यों कहा जाए तो कुछ विद्वान हिन्दू धर्म और सनातन धर्म को एक मानते हैं लेकिन इस बारे में आपका क्या सोचना है? क्या आप जानते हैं कि सनातन धर्म क्या है और ये हिन्दू धर्म से किस प्रकार समानता रखता है। अगर आप नहीं जानते हैं तो क्यों ना आज, हम सनातन का अर्थ जानें और सनातन धर्म को करीब से जानने का प्रयास करें। तो चलिए, आज जानते हैं सनातन धर्म के बारे में-

सनातन का अर्थ है जो सदा के लिए सत्य हो, जो शाश्वत हो, जिसका महत्व हर समय में बरकरार रहे। जिसका ना कभी अंत हुआ हो और ना ही कभी अंत हो सकता हो, उसे सनातन कहा जाता है, जैसे सत्य सनातन है, भगवान, आत्मा और मोक्ष भी सनातन हैं।

इसी तरह पांच तत्व यानि आकाश, वायु, जल, अग्नि और पृथ्वी भी शाश्वत सत्य की श्रेणी में आते हैं क्योंकि ये अपना रूप बदलते रहते हैं लेकिन कभी समाप्त नहीं होते हैं और जो धर्म इस सत्य की राह को दिखाए वही धर्म सनातन है।

हर धर्म के कुछ मूल तत्व होते हैं, उसी तरह सत्य, अहिंसा, दया, क्षमा, दान, जप, तप, यम-नियम सनातन धर्म के मूल तत्व हैं और इनका शाश्वत महत्व है।

हिन्दू या वैदिक धर्म को सनातन भी कहा जाता है क्योंकि यही ऐसा एकमात्र धर्म है जो भगवान, आत्मा और मोक्ष को ध्यान के मार्ग से जानने का तरीका बताता है। इतना ही नहीं, मोक्ष प्राप्ति की बात इसी धर्म में कही गयी है। सनातन धर्म का सत्य ये है कि मोक्ष से ही आत्मज्ञान और ईश्वर का ज्ञान होता है और हिन्दू धर्म में भी इसी सत्य से अवगत करवाया गया है।

दोस्तों, अब आप जान चुके हैं कि सनातन धर्म वो है जो ऐसे सत्य की राह दिखाता है जिसका ना आदि है ना ही अंत है, जो अविनाशी है और निरंतर भी।

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