आइये जानते हैं संस्कृत भाषा का महत्व। संस्कृत भाषा विश्व की सबसे प्राचीन भाषा है। इसे देवनागरी/सुरभारती भी कहा जाता है। ये भाषा इतनी समृद्ध रही है कि हिंदी, मराठी, सिंधी, पंजाबी जैसी आधुनिक भारतीय भाषाओं की उत्पत्ति इसी समृद्ध भाषा से हुयी है।

भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में संस्कृत को शामिल किया गया है। आज भले ही संस्कृत भाषा का इस्तेमाल बहुत ही कम हो गया है लेकिन इसका महत्व आज भी बरकरार है। ऐसे में आज जानते हैं संस्कृत भाषा के महत्त्व को।

संस्कृत भाषा का महत्व 1

संस्कृत भाषा का महत्व

अधिकांश भारतीय और यूरोपीय भाषाओं की जननी संस्कृत भाषा है। इस भाषा का निर्माण नहीं किया गया है बल्कि इस भाषा की खोज की गयी है। इसका इतिहास बहुत पुराना है। इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि वर्तमान में सबसे प्राचीन ज्ञात संस्कृत ग्रन्थ ऋग्वेद है जिसकी रचना 1500-1000 ईसा पूर्व मानी जाती है।

संस्कृत भाषा एक अति महत्वपूर्ण भाषा है क्योंकि-

इस भाषा की व्याकरण और वर्णमाला स्पष्ट और वैज्ञानिक है।

इस भाषा का समृद्ध साहित्य है। इस भाषा का प्राचीन साहित्य अध्यात्म, दर्शन और ज्ञान-विज्ञान का ख़जाना है।

संस्कृत संस्कारित भाषा है इसलिए इसका नाम संस्कृत रखा गया।

इस भाषा को समृद्ध बनाने वाले भाषाविद महर्षि पाणिनि, महर्षि कात्यायन और योगशास्त्र के प्रणेता महर्षि पतंजलि रहे हैं।

संस्कृत भाषा में प्रत्येक शब्द के 27 रुप होते हैं।

इस भाषा को कंप्यूटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए सबसे उपयुक्त भाषा माना जाता है।

विश्व की सबसे पूर्ण और तर्कसम्मत भाषा संस्कृत ही है।

रिसर्च बताते हैं कि संस्कृत पढ़ने से स्मरण शक्ति बढ़ती है।

संस्कृत भाषा का अध्ययन करने वाले छात्रों के लिए गणित, विज्ञान जैसी भाषाएँ सीखना आसान हो जाता है।

संस्कृत केवल एक भाषा ना होकर पूरी संस्कृति है जिसमें वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना निहित है।

हिन्दू, बौद्ध और जैन धर्मों के प्राचीन धार्मिक ग्रन्थ संस्कृत भाषा में हैं।

संस्कृत भाषा के शब्द सभी आधुनिक भारतीय भाषाओं में है। ऐसे में संस्कृत भाषा ही देश को एकता के सूत्र में बांधे रख सकती है।

सर विलियम जोन्स द्वारा लिखी पुस्तक ‘डिस्कवरी ऑफ संस्कृत’ में इस भाषा से सम्बंधित तथ्य दिए गए हैं। उनके अनुसार संस्कृत भाषा यूनानी भाषा से ज्यादा श्रेष्ठ है, लैटिन भाषा से ज्यादा प्रचुर है और दोनों से ही व्याकरण के सन्दर्भ में ज्यादा मजबूत है।

संस्कृत भाषा की समृद्ध विरासत की जानकारी अब आपको मिल गयी है और अब आप गौरवान्वित महसूस कर सकते हैं क्योंकि संस्कृत और आपका गहरा नाता है।

उम्मीद है जागरूक पर संस्कृत भाषा का महत्व कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और अपनी इस प्राचीन समृद्ध भाषा के प्रसार में आप सहयोगी बनेंगे ताकि वो भाषा लुप्त ना हो, जो हर भाषा का आधार बनी हो।

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