संस्कृत भाषा के कुछ महत्वपूर्ण और रोचक तथ्य

भारत मे लगभग सभी लोगों का मंत्रों और श्लोकों से कभी न कभी सामना होता ही रहता है चाहे वे किसी भी धर्म को मानने वाले क्यों न हो क्योंकि विवाह, मृत्यु पर्व आदि अवसरों पर इनका उच्चारण आदिकाल से निरंतर किया जा रहा है। हिन्दू परिवार तो इन मंत्रों और श्लोकों के और भी ज्यादा करीब हैं। ये सभी मन्त्र या श्लोक संस्कृत भाषा में लिखे गए हैं। इसी संस्कृत भाषा के कुछ महत्वपूर्ण और रोचक तथ्य यहां प्रस्तुत हैँ –

  • संस्कृत को विश्व की प्राचीनतम भाषा कहना अतिश्योक्ति न होगी क्योंकि वर्तमान में जो भी प्राचीन भाषाएँ जैसे लैटिन, ग्रीक, हिब्रू, पारसी, अरबी आदि सभी संस्कृत के बाद की भाषाएं हैं।
  • संस्कृत भाषा विज्ञान की दृष्टि से इंडो आर्य परिवार की भाषा है।
  • एक रिपोर्ट के अनुसार संस्कृत का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रभाव सम्पूर्ण विश्व की लगभग 97% भाषाओं पर है।
  • भारत की अधिकांश भाषाओं की उत्पत्ति संस्कृत से ही हुई है।
  • संसार का सबसे प्राचीन धर्मग्रन्थ ऋग्वेद संस्कृत में ही लिखा गया है साथ ही उपनिषद आरण्यक पुराण और अनेक बौद्ध तथा जैन ग्रंथ भी संस्कृत में ही लिखे गए हैं।
  • संस्कृत का विकास दो चरणों मे हुआ है एक वैदिक संस्कृत जिसमे हमारे वेद धर्मशास्त्र रामायण, महाभारत, उपनिषद आदि लिखे गए हैं और दूसरा पाणिनि के बाद की संस्कृत जिसमे अनेक लौकिक ग्रन्थ जैसे कालिदास का अभिज्ञान, शाकुंतलम आदि लिखे गए हैं।
  • वर्तमान संस्कृत, पाणिनि के व्याकरण के अनुसार ही है।
  • संस्कृत भाषा मे पर्यायवाची की भरमार है जैसे हाथी के 100 पर्यायवाची हैं।
  • NASA के वैज्ञानिक रिक ब्रिग्स ने एक बार कहा था कि पूरी दुनिया में संस्कृत एकमात्र स्पष्ट भाषा है।
  • जुलाई 1987 में फोर्ब्स मैगज़ीन ने संस्कृत को कम्प्यूटर के सबसे अनुकूल भाषा बताया।
  • वतर्मान में जर्मनी के 14 विश्वविद्यालयों में संस्कृत पढ़ाई जा रही है।
  • संविधान की आठवीं अनुसूची की 22 भाषाओं में से संस्कृत भी एक है।
  • 2001 की भारत की जनगणना के अनुसार संस्कृत भारत मे 14135 लोगों की प्रथम भाषा थी।
  • 2011 की नेपाल की जनगणना के अनुसार 1669 लोगों की मातृभाषा संस्कृत थी।
  • उत्तराखंड की दूसरी आधिकारिक भाषा (second official language) संस्कृत है।
  • मट्टुर नामक गाँव जो कर्नाटक के शिमोगा जिले में है वहां के सारे लोग संस्कृत में ही बात करते हैं यहां तक उस गांव के मुस्लिम भी संस्कृत में ही बात करते हैं। ऐतिहासिक रूप से यह गांव विजयनगर साम्राज्य के राजा कृष्णदेवराय द्वारा वैदिक विद्वानों और विद्यार्थियों को दिया गया था।
  • कर्नाटक के मैसूर से ही 1970 से सुधर्म नामक संस्कृत दैनिक प्रकाशित हो रहा है जो अब ऑनलाइन भी उपलब्ध है।
  • संस्कृत स्पीच थेरेपी के लिए भी सबसे अनुकूल सिद्ध हुई है।
  • हमारे देश का राष्ट्रीय आदर्श वाक्य “सत्यमेव जयते” जो मुंडोक उपनिषद से लिया गया है भी संस्कृत में ही है जिसका अर्थ है सत्य ही विजयी होगा।
  • इसके अलावा भी कई सरकारी संस्थानों का आदर्श वाक्य संस्कृत में है जैसे सर्वोच्च न्यायालय का “यतो धर्मस्ततो जयः”(जहां धर्म है वहीं विजय है), भारतीय नौसेना का “शं नो वरुण” (हे वरुण जो समुद्र के देवता हैं, हम पर शांत रहें) और भारतीय वायु सेना का “नभः स्पृशम दीप्तं”- जो भागवत गीता के ग्यारहवें अध्याय से लिया गया है जिसका अर्थ है आकाश को शान से छूना।
  • नेपाल का आदर्श वाक्य भी संस्कृत में ही है “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” अर्थात मां और मातृभूमि स्वर्ग से भी महान है।

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