सर्दियों में मुंह से भाप क्यों निकलती है?

सर्दियाँ अपने साथ ढ़ेरों रोमांचक चीज़ें लेकर आती है जैसे कोहरे वाली सुबह, ठिठुरती शामें और स्वादिष्ट भोजन का ज़ायका। ऐसी ही एक और दिलचस्प घटना सर्दियों में होती है जो खासकर बच्चों को बहुत रोमांचित करती है और वो घटना है सर्दियों में मुंह से भाप निकलने की घटना, जिसे देखकर अक्सर बच्चे ये सवाल करते हैं कि ऐसा सिर्फ सर्दियों में ही क्यों होता है, गर्मी या किसी और ऋतु में ऐसा क्यों नहीं होता। उस समय शायद आप भी इस सवाल का जवाब नहीं दे पाते होंगे। ऐसे में आज आपको बताते हैं इस सवाल का जवाब –

सांस लेने की क्रिया के दौरान, हमारे शरीर में कार्बन डाईऑक्साइड और पानी बनते हैं। हमारे फेफड़ों द्वारा इस पानी का वाष्पीकरण करके, जलवाष्प के रूप में मुंह या नाक से बाहर निकाल दिया जाता है। श्वसन और पाचन की क्रिया के दौरान भी पानी बनता है और जो पानी हमारे द्वारा हर दिन पीया जाता है उसे भी मूत्र, पसीने और वाष्पीकरण द्वारा बाहर निकाल दिया जाता है।

सर्दियों के दिनों में शरीर से बाहर यानी वायुमंडल का तापमान काफी कम होता है। ऐसे में जब ये जलवाष्प सांस के साथ बाहर आती है तो तुरंत संघनित होकर पानी की छोटी-छोटी बूंदों के बादल बन जाते हैं और धुआं सा दिखाई देने लगता है जिसे हम मुंह से भाप निकलना कहते हैं।

गर्मियों में शरीर से बाहर यानी वायुमंडल का तापमान बहुत ज़्यादा होता है इसलिए ये जलवाष्प बाहर आने पर संघनित नहीं हो पाती और वाष्पीकरण की क्रिया तेज़ी से होती है जिसके कारण गर्मियों में मुंह से भाप निकलती हुयी नहीं दिखाई देती।

तो दोस्तों, अब आपको अपने और बच्चों के इस सवाल का जवाब मिल गया है कि सर्दियों में मुंह से भाप क्यों निकलती है। उम्मीद है आपको ये जानकारी पसंद आयी होगी।

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