दुनिया का सबसे रहस्यमय देश सऊदी अरब

फरवरी 13, 2017

जब भी हम सऊदी अरब का नाम सुनते हैं तो हमारे दिमाग में तेल शेख और रेगिस्तान का ख्याल आता है। लेकिन आज हम आपको इस सबसे रहस्यमय देश के बारे में कुछ ऐसी बातें बताएंगे जो शायद ही आपको पता हों।

सऊदी अरब का कोई संविधान नहीं है सऊदी अरब के बुनियादी कानून का आर्टिकल नंबर 1 इस बात पर जोर देता है कि पवित्र ग्रंथ कुरान पैगंबर मोहम्मद ही उनका संविधान है।

यह देश इस्लाम के शरीयत कानून के मुताबिक ही चलता है इस्लाम में मक्का और मदीना को सबसे पवित्र शहर माना जाता है और मक्का शहर में गैर मुस्लिमों को जाने की इजाजत नहीं है।

हर साल हज यात्रा के लिए यहां दुनिया भर से 30 लाख से ज्यादा मुसलमान यात्री आते हैं। सऊदी अरब इस यात्रा के लिए हर देश को स्पेशल कोटा देता है। यह कोटा इसलिए दिया जाता है कि यहां पर आने वाले यात्रियों की संख्या को नियंत्रित किया जा सके।

भारत के लिए यह कोटा एक से डेढ़ लाख यात्रियों के बीच होता है। मदीना शहर में अल मस्जिद अल नवाबी नाम की एक मस्जिद है इसे इस्लाम में दूसरी सबसे पवित्र जगह माना जाता है। इसे पैगंबर मोहम्मद ने बनवाया था और यहीं पर उनका मकबरा भी है। सऊदी अरब में अगर आप मुसलमान नहीं है तो आप अपना धर्म प्रदर्शन नहीं कर सकते। यहां पर कोई भी गैर मुस्लिम अपनी पूजा पद्धति नहीं अपना सकता। इस देश में गैर मुस्लिम लोगों को नागरिकता नहीं मिलती है।

इस्लाम के अलावा किसी और धर्म के लोगों को इस देश में दफनाना मना है। सऊदी अरब में धर्म परिवर्तन की सजा मौत है। सऊदी अरब दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां पर जादू करने पर पूर्ण रुप से प्रतिबंध है और यही एकमात्र वजह थी जिसकी वजह से यहां पर हैरी पॉटर की किताबों पर बैन लगा दिया गया था।

इस देश में एक धार्मिक पुलिस भी होती है जो सिर्फ जादूगरों को पकड़ने का काम ही करती है आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि सऊदी अरब में जादू करने की सजा मौत है। सऊदी अरब दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां पर सजा के नाम पर हाथ काट देना गला काट देना और पत्थर मार मार कर किसी की जान ले लेना जैसी सजाएं दी जाती है। सउदी अरब में गर्दन काटकर मौत देने की सजा सबसे आम सजा मानी जाती है लेकिन अभी कुछ सालों से सजा देने वाले तलवार बाज़ो की संख्या में काफी कमी आ गई है जिसकी वजह से अब सऊदी अरब में मौत की सजा के तरीके को बदलने पर विचार किया जा रहा है।

यहां के अजीबोगरीब कानूनों की वजह से महिलाओं पर अत्याचार दिन प्रतिदिन बढ़ते चले जा रहे हैं सऊदी अरब में महिलाओं को हिजाब में ही रहने के लिए प्रतिबंधित किया जाता है। इसके बाद भी यहां पर बलात्कार जैसी घटनाएं दिन प्रतिदिन बढ़ती ही चली जा रही ह। इसके लिए यहां के कानून को दोषी ठहराया जाना गलत नहीं होगा। सऊदी अरब के कानून के मुताबिक रेप तभी साबित होता है जब रेप के 4 गवाहों और यह चारों मर्द होने आवश्यक है। सऊदी अरब के कानून के मुताबिक महिलाओं को गैर मर्दो से मिलने की अनुमति नहीं है और अगर महिलाएं कहीं बाहर जा रही हैं तो उनके साथ परिवार का एक पुरुष होना बेहद जरूरी है।

घर से बाहर निकलने पर महिलाओं के केवल हाथ और आंखें ही दिखनी चाहिए। सऊदी अरब में महिलाओं को बैंक अकाउंट खोलने के लिए भी अपने पति से इजाजत लेनी पड़ती है और अगर महिला को विदेश घूमने जाना है तो वह अपने पति की मर्जी के बिना नहीं जा सकते। अभी हाल ही में सऊदी अरब में महिलाओं को वोट डालने की आजादी दी गई है।

सऊदी अरब में चैस खेलना प्रतिबंधित है। सऊदी अरब में सौस वाली सैंडविच खाना भी प्रतिबंधित है। यहां पर सूअर का मांस प्रतिबंधित है। यहां तक कि वैलेंटाइन डे मनाना भी प्रतिबंधित है। सऊदी अरब में सिनेमाहॉलों पर भी प्रतिबंध है और यही एक कारण है कि सऊदी अरब के लोग फिल्में देखने के लिए भी विदेश जाते हैं। इस देश में एक भी नदी और झील नहीं है इस देश में समुद्र के पानी को पीने लायक बना कर इस्तेमाल किया जाता है जिसकी वजह से पानी बहुत महंगा है।

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