सौर मंडल के बारे में दिलचस्प जानकारियां

सौर मंडल के बारे में तो हमने अपने स्कूल के पाठ्यक्रम में पढ़ा ही है जिसमे 8 ग्रहों के बारे में चर्चा होती है। सौर मंडल के इन सभी ग्रह की अपनी अपनी अलग खासियत है। लेकिन आज हम आपको इन 8 ग्रहों के बारे में विस्तार पूर्वक बताते हैं और जानते हैं इनसे जुडी कुछ अनसुनी और दिलचस्प जानकारियां।

1. मर्क्युरी (बुध ग्रह) – बुध ग्रह सौर मंडल का सबसे पहला और सबसे छोटा ग्रह है। यह ग्रह सूर्य के सबसे नजदीक है लेकिन फिर भी ये सबसे गर्म नहीं है और इसका कारण है इस ग्रह पर कोई वातावरण का ना होना। इसी कारण यहाँ कार्बन डाइऑक्साइड गैस नहीं बनती जिस कारण यहाँ सूर्य की किरणे अवशोषित हो जाती हैं। बुद्ध ग्रह सूर्य से करीब 4 करोड़ 60 लाख किलोमीटर की दूरी पर स्थिति है। जहाँ बुद्ध ग्रह का दिन का तापमान करीब 445 डिग्री सेल्सियस होता है वहीं रात में इसका तापमान गिरकर -176 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाता है। बुद्ध ग्रह सौर मंडल का बेहद हल्का गृह भी है जिसकी सतह पर बहुत बड़े बड़े और गहरे गड्ढे बने हैं। इसके कई गड्ढे तो सेंकडो किलोमीटर लंबे और 3 किलोमीटर तक गहरे भी है।

2. वीनस (शुक्र ग्रह) – शुक्र ग्रह सूर्य से करीब 82 करोड़ 10 लाख किलोमीटर की दूरी पर होने के बावजूद भी सबसे गर्म ग्रह है। सौर मंडल का सबसे चमकीला ग्रह होने के कारण ही ये धरती से भी आसानी से दिखाई देता है। आकार के मामले में ये ग्रह लगभग पृथ्वी जितना ही है लेकिन यहाँ का तापमान है करीब 437 डिग्री सेल्सियस और इसका एक मुख्य कारण है यहाँ 1000 से भी अधिक ज्वालामुखी का होना। शुक्र एक ऐसा ग्रह है जो अरुण ग्रह के अलावा अन्य दूसरे ग्रहों से उलटी दिशा में घूमता है।

3. अर्थ (पृथ्वी ग्रह) – तीसरा ग्रह है हमारी पृथ्वी और पृथ्वी ही एक ऐसा ग्रह है जिस पर जीवन संभव है बाकी किसी दूसरे ग्रहों पर जीवन की कोई सम्भावना नहीं खोजी गई हैं। आपको बता दें की चन्द्रमा हमारी पृथ्वी का ही टुकड़ा है जो आज से करीब 450 करोड़ वर्ष पहले पृथ्वी से एक ग्रह के टकराने के कारण टूटकर अलग हुए टुकड़े से बना है। धरती पर गुरूत्वाकर्षण इतना ज्यादा है की यहाँ पर्वतों का 15,000 मीटर से ऊँचा होना संभव नही है।

4. मार्स (मंगल ग्रह) – करीब 6794 किलोमीटर व्यास वाले मंगल ग्रह की सूर्य से दूरी करीब 22 करोड 79 लाख किलोमीटर है। मंगल ग्रह की मिट्टी में पाए जाने वाले लोहा खनिज पर इतनी जंग लग चुकी है की इसकी मिटटी एकदम लाल रंग की दिखाई देती है और इसी कारण ये लाल ग्रह के नाम से भी जाना जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार मंगल ग्रह पर कई नदियां, घाटियां और पठार मौजूद हैं। इस ग्रह पर एक ऐसी पहाड़ी भी है जो धरती के माउंट एवरेस्ट से भी करीब 3 गुना ज्यादा ऊंची है, इस पहाड़ी का नाम है ओलंपस मोंस।

5. जुपिटर (बृहस्पति ग्रह) – बृहस्पति सौर मंडल का सबसे बड़ा ग्रह है जो आकार में पृथ्वी से करीब 3 गुना ज्यादा बड़ा है। बृहस्पति पर गुरुत्वाकर्षण बल बहुत ज्यादा है। बाकी सभी ग्रहों के मुकाबले बृहस्पति ग्रह पर दिन सबसे छोटा होता है क्योंकि बड़े आकार का होने के कारण बृहस्पति ग्रह सूर्य के चारों ओर परिक्रमा सिर्फ 9 घंटे 55 मिनट में पूरी कर लेता है और इसी कारण यहाँ एक दिन 9 घंटे 55 मिनट का ही होता है।

बृहस्पति ग्रह पर 10% हीलियम, करीब 85% हाइड्रोजन और 5% दूसरी गैसे पाई जाती है इसके अलावा इस ग्रह पर पानी की मात्रा 1% से भी कम है और इसी कारण यहाँ जीवन संभव नहीं है।

6. सैटर्न (शनि ग्रह) – सूर्य से करीब 143 करोड़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित शनि ग्रह है बृहस्पति के बाद सौर मंडल का सबसे बड़ा और चमकीला ग्रह है। 1 लाख 20 हजार 536 किलोमीटर व्यास वाला यह ग्रह करीब 96% हाइड्रोजन, 3% हीलियम और मिथेन अमोनिया और फास्फीन जैसे दूसरे तत्वों से मिलकर बना है। तापमान की बात करें तो इस ग्रह का औसतन तापमान रहता है करीब -139 डिग्री सेल्सियस। शनि को सूर्य की परिक्रमा पूरी करने में सिर्फ 10 घंटे 34 मिनट का समय लगता है और ऐसे में इसका एक दिन 10 घंटे 34 मिनट का ही होता है। शनि ग्रह के चारों तरह एक रिंग बनी होती है जिसमे 12 छल्ले होते हैं जिससे इसे आसानी से पहचाना जा सकता है।

7. यूरेनस (अरुण ग्रह) – 13 मार्च 1781 को विलियम हर्शेल द्वारा खोजा गया अरुण ग्रह सूर्य से करीब 29 करोड़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह ग्रह पृथ्वी से करीब 63 गुना बड़ा और 15 गुना भारी है। अरुण ग्रह पर एक दिन करीब 11 घंटे का होता है। इस ग्रह की सतह पर काफी ज्यादा मात्रा में बर्फ पाई जाती है और इसी कारण इसे ठंडा ग्रह भी बोला जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार इस ग्रह पर हाइड्रोजन से बनी कई चट्टानें बनी हैं। शुक्र ग्रह की तरह ये गृह भी बाकी ग्रहों से विपरीत दिशा में घूमता है और बताया जाता है की इसकी उलटी दिशा में घूमने की वजह ये है की इस ग्रह से एक पृथ्वी जितना ग्रह टकराया था जिसके बाद ये उलटी दिशा में घूमने लगा।

वैज्ञानिकों के अनुसार इस ग्रह पर एक सीजन करीब 42 वर्ष का होता है जिसमे से ये 40 वर्ष सूर्य के सामने होता है जबकि 2 वर्ष यहाँ अँधेरा ही रहता है और इसी कारण यहाँ जीवन की संभावनाएं नहीं है।

8. नेप्ट्यून (वरुण ग्रह) – अरुण ग्रह के बाद वरुण ग्रह ही सबसे ठंडा ग्रह है और इसके ठंडा होने की वजह है यहाँ पाई जाने वाली कार्बन डाइऑक्साइड जो सूर्य किरणों को अवशोषित कर लेती है। इस ग्रह का गुरुत्वाकर्षण बल भी करीब करीब पृथ्वी के जितना ही है। इस ग्रह पर पृथ्वी के मुकाबले काफी तेज हवाएं चलती है, इन हवाओं की रफ्तार करीब 2100 किलोमीटर प्रति घंटे की होती है। वरुण ग्रह सूर्य से करीब 449 करोड़ 83 लाख 96 हजार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और यहाँ का औसतन तापमान करीब –200 डिग्री सेल्सियस रहता है। इस ग्रह की सतह पर काफी ज्यादा मात्रा में बर्फ पाई जाती है और इसी कारण दूर से ये ग्रह नीला दिखाई देता है। सूर्य से काफी दूरी पर होने के कारण यहाँ का तापमान इतना ठंडा है की यहाँ जीवन संभव नहीं है।

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