स्कूल में बच्चों को जरूर सिखानी चाहिए ये 5 अहम बातें

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स्कूल के दिन हर इंसान की जिंदगी के सबसे यादगार दिन होते हैं। इन दिनों आपको पढ़ाई के अलावा किसी दूसरी चीजों की चिंता नहीं होती है। यह वो दिन होते हैं जब आप आने वाले जीवन के लिए अपने आपको तैयार कर रहे होते हैं। स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ आपको कुछ ऐसी ज्ञान की बातें बताई जाती हैं, जो जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती हैं। वास्तव में स्कूल में मिली शिक्षा आपके जीवन का आधार है। कुछ लोग स्कूल की शिक्षाओं को स्कूल के दिनों तक ही याद रखते हैं, लेकिन आपको बता दें कि यहां से मिली हर शिक्षा तमाम उम्र आपके काम आती हैं। आप स्कूल में वो चीजें सीखते हैं, जो आपको बाहर की दुनिया में कोई नहीं सिखा सकता है। हालांकि कुछ लोग बड़े होकर अपनी जिंदगी के अनुभवों से चीजों को सीखते हैं। हम आपको कुछ ऐसी बातें बता रहे हैं जिन्हें स्कूल के दिनों हर विद्यार्थियों को जरूर बतानी चाहिए-

1) 80/20 नियम
यह आपके समय का बेहतर इस्तेमाल करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है। 80/20 नियम को ‘दी पेरेटो प्रिंसीपल’ के रूप में भी जाना जाता है। मूल रूप से इसका मतलब होता है कि आपके द्वारा किये गए 80 फीसदी कार्यों से आपको 20 फीसदी बेहतर परिणाम मिलते हैं। इसके विपरीत आपके 20 फीसदी कार्यों से आपको 80 फीसदी बेहतर परिणाम मिलते हैं। यह नियम बताता है कि ज्यादा काम करने से आपको ज्यादा परिणाम नहीं मिलते बल्कि दिनभर में किये गए कुछ कामों से ही आपको बहुत अच्छे परिणाम मिल रहे होते हैं।

2) पार्किंसंस का कानून
आप सोचते हैं कि आप चीजों को तेज़ी से कर सकते हैं। यह नियम कहता है कि एक कार्य समय का विस्तार करता है और आपके लिए निर्धारित समय के आधार पर जटिलता को बढ़ाता है। उदाहरण के लिए, यदि आप अपने आप से कहते हैं कि आप एक हफ्ते में समाधान निकाल सकते हैं, तो इससे समस्या अधिक कठिन हो जाएगी और आप एक समाधान के साथ आने की कोशिश में अधिक से अधिक समय व्यतीत करेंगे। तो समाधान खोजने पर अपना ध्यान दें। फिर समस्या को हल करने के लिए खुद को पूरे दिन के बजाय एक घंटा या पूरे हफ्ते की बजाय एक दिन दें।

3) बैचिंग
रोजाना एक जैसे काम करने से कोई भी इंसान बोर हो सकता है जिससे उसे चिंता हो सकती है। स्कूल में बच्चों को चीजों को तरीके से मैनेज करना सिखाया जाना चाहिए। वहां यह सिखाया जाना चाहिए है कि आपको अपने कामों को बैच में बनाकर करना चाहिए, जिससे वो आसन हो जाए और आपको बोरियत भी ना हो। उदहारण के लिए एक घंटे के समय में डेस्क साफ करना, आज के मेल के जवाब देना, खाना, तीन कॉल करना और कल के लिए खरीदारी सूची लिखना शामिल हो सकता है।

4) गलतियां और विफलता अच्छी हैं
स्कूल में आपको यह सिखाया जाना चाहिए है कि गलतियां और विफलता से आपको डरना नहीं चाहिए। क्योंकि अगर आप डर जाएंगे, तो आप सीख नहीं सकते हैं। सही मायने में आपको गलतियां करने से जिंदगी का सही सबक मिलता है। उदहारण के लिए अगर आप साइकिल चलाना सीखते हैं और पहली बार में गिर जाते हैं। अगर आप इस विफलता से डर के साइकिल चलाना छोड़ देंगे, तो आप कभी नहीं सीख पाएंगे। इसके बजाय आपको दोबारा ट्राई करना चाहिए।

5) हिम्मत नहीं हारना
कुछ लोग गलतियां या विफलता के बाद अपनी हिम्मत तोड़ देते हैं। इसका कारण यह हो सकता है वो खुद को कमजोर समझते हैं। लेकिन यह एक बहुत खराब आदत है। इससे आपके अंदर अतिरिक्त और अनावश्यक दर्द पैदा हो सकता है और आपका कीमती समय बर्बाद हो सकता है। इस आदत को जितना संभव हो, उतनी ज्यादा छोड़ने की कोशिश करना सबसे अच्छा है।

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