SGOT और SGPT क्या है?

नवम्बर 19, 2018

SGOT और SGPT दोनों ही टेस्ट लिवर से सम्बंधित होते हैं और आज हम इन दोनों टेस्ट से जुड़ी जानकारी लेते हैं। SGPT टेस्ट (Serum Glutamate Pyruvate Transaminase) खून में GPT की मात्रा का मापन करता है। GPT एक ऐसा एंजाइम है जिसकी ज्यादा मात्रा लिवर में पायी जाती है। जिन सेल्स में GPT जमा होता है अगर उन सेल्स को कोई क्षति पहुँचती है तो ये एंजाइम खून में शामिल हो जाता है। इस एंजाइम को अलैनिन ट्रांसमिनेज या ALT भी कहा जाता है। इस टेस्ट से फैटी लिवर, सिरोसिस और हेपेटाइटिस जैसे लिवर के रोगों के बारे में जानकारी ली जाती है। इस टेस्ट की नॉर्मल वैल्यूज 7-56 U/L होती है और इस टेस्ट के लिए ब्लड सैंपल की जरुरत होती है जो मरीज की बाजू से लिया जाता है।

SGPT टेस्ट कब करवाना चाहिए-

SGOT टेस्ट क्या है – SGOT (Serum Glutamic Oxaloacetic Transaminase) भी लिवर में पाया जाने वाला एक एंजाइम होता है जिसे AST (Aspartate Aminotransferase) के नाम से भी जाना जाता है।

SGOT टेस्ट से ब्लड में इस एंजाइम की मात्रा का पता लगाया जाता है। लिवर से जुड़ी बीमारियां जैसे हेपेटाइटिस और सिरोसिस होने पर इस एंजाइम की मात्रा ब्लड में बढ़ जाती है। हार्ट, किडनी और ब्रेन जैसे अंगों में भी ये एंजाइम थोड़ी मात्रा में पाया जाता है इसलिए इन अंगों से जुड़े रोग होने पर भी SGOT की मात्रा बढ़ सकती है। इसके अलावा स्टेरॉइड्स, कोलेस्ट्रॉल कम करने वाले ड्रग्स का सेवन भी ब्लड में SGOT की मात्रा को बढ़ा सकता है। SGOT की नॉर्मल रेंज 5-40 U/L होती है। इस टेस्ट को करने के लिए मरीज की बाजू से ब्लड सैंपल लिया जाता है।

“फेनमैन तकनीक क्‍या है?”

अगर आप हिन्दी भाषा से प्रेम करते हैं और ये जानकारी आपको ज्ञानवर्धक लगी तो जरूर शेयर करें।
शेयर करें