शादी और नौकरी… दोनों में कैसे रखे तालमेल

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आपकी ज़िन्दगी के सबसे अहम पहलुओं में से एक है शादी। शादी का फैसला करते समय आप खुद से ये उम्मीद रखते हैं कि आप इसे बखूबी निभा लेंगे लेकिन जब इन ख़यालों का हकीकत से सामना होता है तो आप हैरान रह जाते हैं क्योंकि आपकी रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में आपको नौकरी को पूरा समय देना होता है जिसके चलते आप अपने रिश्ते पर उतना ध्यान नहीं दे पाते जितना आपने सोचा होता है। ऐसे में ये जानना जरुरी है कि कैसे इन दोनों अहम पहलुओं पर ध्यान दिया जा सके और इनमें तालमेल बनाकर रखा जा सके। तो आइये, आज हम आपको बताते हैं कि किन आसान सी बातों का ख्याल रखकर आप ऐसा कर सकते हैं –

प्राथमिकता को चुने –
ऑफिस के समय में मन लगाकर काम करना एकदम सही बात है लेकिन ऑफिस के बाद भी अगर आपको अपने दोस्तों या ऑफिस से जुड़ी मीटिंग्स का हिस्सा बनना हो तो इस समय आपके लिए अपनी प्राथमिकता को चुनना जरूरी है। नौकरी के प्रति अपनी ड्यूटी निभाने के बाद अब ये समय आपके पार्टनर के साथ साझा करने का है। इस स्थिति को समझ लेने पर आप अपने रिश्ते के लिए समय निकाल सकेंगे।

अपने सलाहकार आप खुद ही हैं –
अक्सर नौकरी और शादी के बीच समय की कमी महसूस करने पर आप दूसरे लोगों से विचार विमर्श करने लगते हैं। भले ही इसमें कोई बुराई नहीं होती लेकिन खुद को आप से बेहतर और कोई नहीं जानता। ऐसे में आप अगर फुर्सत से बैठ कर सोचें कि कौनसा काम किस समय ज़्यादा जरुरी है तो न केवल आपकी मुश्किल हल हो जाएगी बल्कि आप दोनों के बीच तालमेल बनाने में भी सफल होंगे।

आपका समय सिर्फ आपका नहीं है –
अपने घर में ज़्यादा से ज़्यादा सुविधाएं लाने और पार्टनर को आराम की सारी चीज़ें मुहैया कराने की आपकी चाहत ग़लत नहीं है और इस चाहत को पूरा करने के लिए आप ऑफिस में ज्यादा से ज्यादा काम करने के लिए तैयार रहते हैं जिसके चलते आपके दिन का ज्यादातर समय तो ऑफिस में ही पूरा हो जाता है। ऐसे में आपका ये समझना भी जरुरी है कि रिश्ते में समय देना बेहद जरुरी होता है, इसलिए हर दिन अपने समय का कुछ हिस्सा अपने साथी के लिए ज़रूर बचा कर रखे।

ज़िम्मेदारियाँ-
शादी और नौकरी दोनों ही जिम्मेदारी का दूसरा नाम है और ये ज्यादा तब बढ़ जाती है जब दोनों ही पार्टनर नौकरी करते हैं और उनका बिजी रुटीन रहता है। ऐसे में दोनों के लिए अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को समझना और उन्हें बाँट कर ख़ुशी से पूरा करना जरुरी है। ऐसा करने पर ही आप दोनों के बीच काम का दबाव नहीं बढ़ेगा और आप एक दूसरे की मदद भी कर पाएंगे।

छुट्टी यानि फुर्सत का दिन –
कई बार आप छुट्टी के दिन भी दफ़्तर का काम ले कर बैठ जाते है और पूरा दिन उसी में निकाल देते हैं, बिना ये सोचे कि आपके पार्टनर ने शायद कुछ योजनाएं बना रखी होंगी। इसलिए आपका ये समझना जरुरी है कि छुट्टी के दिन आप अपना पूरा समय अपने पार्टनर को ही दें, तभी आप रिश्ते में मजबूती बनाये रख सकेंगे।

मानसिक रूप से तैयार-
अगर आप मानसिक रूप से तैयार होते हैं तो शादी और नौकरी में संतुलन बनाना कठिन काम नहीं होता, बस इसके लिए आपका खुद को मानसिक रूप से तैयार करना जरुरी होता है कि आप ऐसा बहुत आसानी से कर सकते है और इसमें आने वाली मुश्किलों का सामना करने में भी आप सक्षम हैं।

दोनों हैं महत्वपूर्ण-
अक्सर आप अपने पार्टनर के साथ डिनर या बाहर घूमने का प्लान तो बना लेते हैं लेकिन ऑफिस का एक कॉल आते ही उसे कैंसिल भी कर देते हैं। ऑफिस का काम ज़रूरी तो होता है लेकिन इतना भी नहीं जिसके लिए हर बार आप अपने पार्टनर के साथ बनाये प्लान्स को बीच में ही छोड़ दे। दोनों के महत्व को समझेंगे तो आप आसानी से सही निर्णय ले पाएंगे।

अब तो आप जान गए हैं कि शादी और नौकरी दोनों ही बेहद जरुरी हैं और इनके बीच का संतुलन और भी ज़्यादा महत्वपूर्ण है और इन दोनों के तालमेल से जुड़ी मुश्किलें भी अब हल हो चुकी हैं। तो देर किस बात की, आज ही से शादी और नौकरी के बीच तालमेल बना लीजिये क्योंकि ये मुश्किल नहीं है, सिर्फ नज़रिया बदलने की देर है।

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