शक की बीमारी एक ऐसी खतरनाक बीमारी है, जो अच्छे-अच्छों का घर तबाह कर देती है। चाहे वो रिश्ता पति-पत्नी का हो या फिर प्रेमी-प्रेमिका का, अगर किसी के दिल में शक पैदा हो जाए, तो रिश्तों को टूटने में देरी नहीं लगती है। खासकर महिलाएं शक का अधिक शिकार होती हैं।

पत्नी हो या प्रेमिका दोनों ही शक से बहुत ज्यादा परेशान रहती हैं। इतना ही नहीं पुरुष भी इसकी चपेट में हैं। शक की वजह से आजकल रिश्ता कुछ ही दिनों में टूट जाता है।

शक की बीमारी को दूर करने के कुछ आसान तरीके 1

वास्तव में आजकल अधिकतर लोग खुले विचारों वाले हैं। ऑफिस में महिलाएं-पुरुष एक साथ काम करते हैं, खाते-पीते हैं, आउटिंग करते हैं और मूवी जाते हैं। ऐसे में अगर कोई शादीशुदा है, तो उसके दिल में शक पैदा हो सकता है कि कहीं उसके पार्टनर का ऑफिस में अफेयर तो नहीं चल रहा?

शक की बीमारी को दूर करने के कुछ आसान तरीके 2

शक की बीमारी का इलाज

सबसे पहले तो आपको यह जानना जरूरी है कि शक कोई बीमारी नहीं होती है और ना ही बाजार में इसके लिए कोई दवा मिलती है। वास्तव में यह बेफिजूल की बातें हैं जो किसी के भी दिमाग में आ सकती हैं।

इन बातों को सोचकर इंसान परेशान ही रहता है। अगर आप चाहते हैं कि आपके रिश्ते के बीच शक की कोई गुंजाइश ना रहे तो आपको इन तरीकों को आजमाना चाहिए-

1. बातचीत करें – अगर आपको अपने पार्टनर पर शक है, तो आपको इसका समाधान निकालने के लिए बैठकर आपस में बातचीत करनी चाहिए। यह जानने की कोशिश करें कि आप दोनों के बीच शक की बीमारी कैसे पैदा हो रही है। अगर कोई ऐसी बात है, तो उसे दोनों मिलकर सुलझाने की कोशिश करें।

2. सबूत के आधार पर हो बातचीत – आप अपने पार्टनर से सवाल करें कि वो किस आधार पर आप पर शक कर रहा है या रही है। क्या उसके पास शक की कोई वजह है या फिर दिमाग में आने वाले बेफिजूल के विचारों को लेकर आप पर शक किया जा रहा है।

3. मोबाइल नंबर की जांच कर लें – कई लोग ऐसे हैं, जो एक रिश्ते में होते हुए भी कई जगह संबंध बनाए रखते हैं। ऐसे लोग घंटों दूसरे प्रेमी या प्रेमिका से बातचीत या मैसेज पर बात करते हैं।

अगर आपको अपने पार्टनर पर शक है, तो उसका नंबर वेबसाइट पर जाकर रजिस्टर करके यह जानकारी निकाल सकते हैं कि इस नंबर से किन-किन नंबर पर कितनी देर बातें या मैसेज होते हैं।

अगर इनमें से आपको किसी नंबर पर शक होता है, तो आप उसे कॉल कर सकते हैं। इससे आपके बीच का शक यकीनन खत्म हो जाएगा।

इस बात का रखें ध्यान – कुल मिलाकर बात यह है कि अगर आप किसी के पति-पत्नी या प्रेमी-प्रेमिका हैं, तो आपको एक-दूसरे पर भरोसा करना चाहिए। लेकिन अगर आपको लगता है कि आपका पार्टनर कुछ गड़बड़ कर रहा है, तो उसकी जांच-पड़ताल करें।

बेवजह या किसी की बातों में आकर अपने रिश्ते में शक पैदा ना करें। जाहिर है, अगर आपका पार्टनर निर्दोष साबित हुआ, तो सबसे ज्यादा दुख फिर आपको ही होगा।

इसलिए अगर आपके पास कोई सबूत है या आपने अपनी आंखों से कुछ गलत हुए देखा है, तो उसे सुलझाने की कोशिश करें, शक में अपनी जिंदगी बर्बाद करने से बचें।

उम्मीद है शक की बीमारी को दूर करने कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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