शंखपुष्पी क्या है और शंखपुष्पी के फायदे

अगस्त 21, 2018

शंखपुष्पी से स्वास्थ्य को बहुत से फायदे मिलने के कारण आयुर्वेद में इसे एक विशेष महत्त्व की जड़ीबूटी माना गया है। शंख के आकार जैसे सफेद फूलों के कारण इसे शंखपुष्पी कहा जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम ‘कोनोवुल्लूस प्लूरिकालिस’ है। याद्दाश्त बढ़ाने और दिमागी ताकत को मजबूत करने में इसका विशेष योगदान है। इस पौधे के फूल, पत्ते, तना और जड़ जैसे सभी भाग अपना औषधीय महत्व रखते हैं। इसे अलग-अलग भाषा में अलग-अलग नाम से जाना जाता है जैसे शंख पुष्प, शंखाहुली, कौड़िल्ला और संखोनी।

भारत के पथरीली भूमि वाले जंगलों में मिलने वाले शंखपुष्पी पौधे के बहुत से फायदे होते हैं। ऐसे में आपको भी इस सफेद रंग के फूलों वाले और शंख जैसे आकार वाले पौधे के गुणों के बारे में जरूर जानना चाहिए। तो चलिए, आज आपको इस पौधे से मिलने वाले फायदों के बारे में बताते हैं–

मेमोरी बूस्टर – याद रखने की क्षमता को बढ़ाना यानी मेमोरी को बूस्ट करने का काम शंखपुष्पी बहुत आसानी से कर देती है। ये मस्तिष्क की कोशिकाओं को होने वाले नुकसान से बचाती है और मेमोरी लॉस को रोकती है।

मन को तरोताजा बनाने में – क्षमता से ज्यादा काम करने, कंप्यूटर पर ज्यादा समय बिताने या पढ़ाई से होने वाले मानसिक तनाव को कम करने में शंखपुष्पी काफी सहायक होती है। मानसिक थकान दूर करके मन को तरोताजा रखने और काम को उत्साह और एकाग्रता से करने के लिए दिन में दो बार शंखपुष्पी पाउडर को पानी के साथ लिया जा सकता है।

डिप्रेशन से बचाव करे – शंखपुष्पी मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमीटर असंतुलन को सही करने में प्रभावी रूप से काम करती है। ये तनावग्रस्त स्थिति में डोपामाइन के स्राव को बढ़ा देती है जिससे अवसाद ग्रस्त व्यक्ति को अच्छा महसूस होने लगता है।

सिर दर्द में राहत – पढ़ाई के दौरान सिर दर्द की समस्या आजकल आम हो गयी है। ऐसे में शंखपुष्पी सिरप लेने से तनाव और मानसिक दबाव कम होने लगता है और दिमाग की नसों को राहत मिलती है जिससे सिर दर्द दूर होने लगता है।

भूख बढ़ाये – शंखपुष्पी में पाचक उत्तेजक मौजूद होते हैं इसलिए इसका सेवन करने से भूख ना लगने की समस्या दूर होती है और भूख बढ़ने लगती है।

संवेदनाओं को संतुलित करे – कुछ लोग तेज आवाज या तेज गंध और तेज प्रकाश को सहन नहीं कर पाते हैं। ऐसे लोग अति संवेदनशील होते हैं और उनकी ऐसी संवेदनाओं को संतुलित करने में शंखपुष्पी सहायक साबित होती है जिसे अन्य जड़ी-बूटियों के साथ मिलाकर सेवन करने से राहत मिलती है।

गर्भपात रोकने में सहायक – अगर गर्भाशय कमजोर हो तो बार-बार गर्भपात का खतरा बना रहता है। ऐसे में गर्भाशय को मजबूत करने और गर्भपात रोकने में शंखपुष्पी कारगर साबित होती है।

दोस्तों, शंखपुष्पी के पौधे के आयुर्वेदिक गुणों के बारे में अब आप जान चुके हैं। मेमोरी बढ़ाने, ध्यान केंद्रित करने, शारीरिक और मानसिक सेहत को दुरुस्त रखने वाली शंखपुष्पी का सेवन आप भी कर सकते हैं लेकिन इससे पहले अपने डॉक्टर से इस बारे में परामर्श जरूर लें ताकि आपके स्वास्थ्य के अनुसार इसकी उचित मात्रा तय की जा सके और आपको ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके।

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