शून्य विचार स्थिति क्या है?

अक्टूबर 26, 2018

हम सभी के मन में हर समय अनगिनत विचार आते-जाते रहते हैं और इन्हें रोक पाना भी हमारे लिए संभव नहीं होता है लेकिन जब ये विचार बहुत बढ़ जाते हैं तो कई तरह के शारीरिक और मानसिक विकार का कारण बनते हैं। ऐसे में उस स्थिति के बारे में जानना जरुरी है जिसमें कोई भी विचार आपको प्रभावित ना कर सके और इस स्थिति को विचार शून्यता कहते हैं। तो चलिए, आज शून्य विचार स्थिति के बारे में जानते हैं। विचार शून्य होना एक ऐसी स्थिति है जिसमें मन में विचार आने पर हम उन्हें सोचते नहीं हैं। वो सारे विचार हमें परेशान नहीं कर पाते क्योंकि शून्य विचार स्थिति में हम चेतन अवस्था में होते हैं और जब व्यक्ति पूरे होश में रहता है तो ये चाहे अनचाहे विचार उसे प्रभावित नहीं कर पाते हैं।

भले ही विचारों से पीछा छुड़ाना मुश्किल लगता हो लेकिन शून्य विचार स्थिति को पाकर ऐसा करना संभव हो सकता है। आपको भी यही लगता होगा कि शून्य विचार स्थिति को प्राप्त करना हर किसी के लिए संभव नहीं है लेकिन वास्तविकता ये है कि अभ्यास द्वारा इस स्थिति को प्राप्त करना आपके लिए भी आसान हो सकता है इसलिए अब जानते हैं शून्य विचार स्थिति के लिए किये जाने वाले अभ्यास के बारे में-

इस अभ्यास को ‘विचार क्रमांक ध्यान पद्धति’ कहा जाता है। ध्यान के इस रूप में विचारहीन स्थिति में पहुँचने के लिए लगातार अंकों के जरिये विचारों का मन में आना-जाना बंद किया जाता है।

ध्यान के इस अभ्यास के लिए तैयार हो जाइये-

दोस्तों, इस अभ्यास के बाद आप जान गए होंगे कि शून्य विचार स्थिति को प्राप्त करना उतना भी मुश्किल नहीं है जितना आप अब तक सोचा करते थे।

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