बाल कमजोर होने के कारण

जनवरी 27, 2018

अच्छे और मजबूत बालों की चाहत हम सभी करते हैं लेकिन बाल कमजोर होकर टूटना आजकल एक आम समस्या बन गयी है जिसके पीछे बहुत से कारण होते हैं जिनमें कुछ आनुवंशिक कारण होते हैं और कुछ मौसम में बदलाव से जुड़े होते हैं। इसके कुछ कारण आज की लाइफस्टाइल से भी जुड़े हुए हैं। ऐसे में ये जान लेना बेहतर होगा कि अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं तो इसका कारण कौनसा है ताकि इसे समय रहते दूर किया जा सके। तो चलिए, आज आपको बताते हैं बाल कमजोर होने के कारण–

बालों से जुड़े टूल्स – अगर आप रोज़ बालों को स्ट्रेट या कर्ली करने के लिए स्ट्रेटनर या कर्लर जैसे टूल्स का इस्तेमाल करते हैं या रोज़ गीले बालों को सुखाने के लिए ड्रायर काम में लेते हैं तो इन टूल्स के कारण आपके बालों की जड़ें कमजोर होने लगती हैं और उनका टूटना, झड़ना और बेजान होना शुरु हो जाता है।

फंगल इन्फेक्शन और डैंड्रफ – कई बार बालों में फंगल इन्फेक्शन होने के कारण बाल जड़ों से कमजोर होकर टूटने लगते है और स्कैल्प के ड्राई रहने की स्थिति में डैंड्रफ भी हो जाती है जिसके कारण बालों का कमजोर होकर टूटना शुरू हो जाता है। ऐसे में बालों की सफाई और पोषण का विशेष ध्यान देना ज़रूरी होता है, तभी इन स्थितियों से बचाव संभव हो पाता है।

बालों में इस्तेमाल किये जाने वाले केमिकल्स – रोज़ाना नया हेयर स्टाइल बनाने और बालों को कलर कराने के शौक के चलते हम ये भूल जाते हैं कि इन सभी प्रोडक्ट्स में केमिकल्स होते हैं जो बालों को कमजोर बनाते हैं, उनका पोषण छीन लेते हैं और बालों की जड़ें कमजोर बना देते हैं। कई बार ऐसे प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से बालों का सफेद होना भी शुरू हो जाता है।

तनाव – बालों के झड़ने, टूटने और कमजोर होने का एक आम कारण तनाव है जो आज की लाइफस्टाइल की देन है। लम्बे समय तक तनाव में बने रहने से शारीरिक और मानसिक सेहत बिगड़ने लगती है और बालों का कमजोर होकर टूटना भी इसी तनाव के परिणाम के रूप में दिखाई देता है।

दवाओं का सेवन – कुछ विशेष दवाओं का सेवन करने की स्थिति में भी बाल कमजोर होने लगते हैं जैसे खून पतला करने के इलाज के दौरान ली जाने वाली दवाएं, विटामिन-ए सप्लीमेंट्स, गठिया और नींद की दवाओं का सेवन करने से भी बाल झड़ने शुरू हो सकते हैं।

प्रेगनेंसी और मेनोपॉज – प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन का संतुलन बिगड़ने से भी बाल तेज़ी से झड़ने लगते हैं। इसके अलावा मेनोपॉज़ के समय एस्ट्रोजन की मात्रा काफी कम हो जाने से भी बाल झड़ने लगते हैं।

एनेस्थीसिया और सर्जरी – एनेस्थीसिया और सर्जरी के बाद भी बाल झड़ते रहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसा होने का कारण एनेस्थीसिया और सर्जरी का शरीर पर प्रभाव और रिकवरी में होने वाली देरी हो सकता है।

आनुवंशिक कारण – अगर बालों के कमजोर होकर टूटने का कारण आनुवंशिक हो तो इससे बचाव के लिए कुछ विशेष किया जाना संभव नहीं होता लेकिन खानपान और लाइफस्टाइल को बेहतर रखकर बाल झड़ने की समस्या को कम ज़रूर किया जा सकता है।

थाइरॉइड – बालों का बहुत अधिक कमजोर होकर टूटना थाइरॉइड बढ़ने का एक प्रमुख लक्षण होता है। थाइरॉइड हार्मोन के कम और अधिक होने की स्थिति में बालों का कमजोर होकर टूटना शुरू हो जाता है लेकिन थाइरॉइड के उचित इलाज के बाद ये समस्या दूर भी हो जाती है।

इसके अलावा टाइफाइड और वायरल इन्फेक्शन के कारण भी बाल कमजोर हो जाते हैं और झड़ते हैं।

दोस्तों, अब आप जान चुके हैं कि बालों के कमजोर होने और टूटने के कारण क्या हैं और इनमें से अधिकतर कारण हमारी अनदेखी और लापरवाही से जुड़े हैं। ऐसे में अगर हम बालों की सही तरीके से केयर करना शुरू कर दें तो इस मुश्किल से निकला जा सकता है और बालों के कमजोर होने के जो कारण बीमारियों से जुड़े हैं, उनका हल सही इलाज और हेल्दी डाइट में छुपा है इसलिए बालों की केयर करने के साथ आपको अपनी डाइट का ध्यान भी रखना होगा तभी आपके शरीर के साथ आपके बालों में मजबूती लौटेगी और आप स्वस्थ बाल और स्वस्थ शरीर दोनों पा लेंगे।

हमने यह लेख प्रैक्टिकल अनुभव व जानकारी के आधार पर आपसे साझा किया है। अपनी सूझ-बुझ का इस्तेमाल करे। आपको यह लेख कैसा लगा? अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी। अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है, हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

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