कुछ ऐसे आविष्कार जो अकस्मात् ही हुए

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आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है ये बात हम सब भली-भांति जानते हैं और यह बात भी किसी से छुपी नहीं है की इन अविष्कारों की वजह से ही प्रगति हुई है फिर चाहे वो किसी भी वर्ग की बात हो। चलिए आज हम आपको कुछ ऐसे अविष्कारों के बारे में बताते हैं जो अकस्मात् ही हो गए।

1. पेनिसिलिन – स्कॉट्लैंड के भौतिकी विशेषज्ञ एलेग्जेंडर फ्लेमिंग ने अपने इस आविष्कार से अनगिनत लोगों की जान बचायी जबकि यह आविष्कार अकस्मात् ही हुआ था। हुआ कुछ यूँ था की एक दिन जब फ्लेमिंग रोज़ की तरह अपनी लैब को अव्यवस्थित छोड़ के जाने के बाद सुबह वापस आये तो उन्होंने देखा की कुछ रसायन जो वहां रखे बर्तनो पर गिर गए थे उन्होंने बेक्टेरिआ को बढ़ने से रोक दिया था। बस यहीं से उन्हें इस बात के संकेत मिले की यह रसायन मानव को भी इन बक्टेरिया से बचा सकता है आगामी जाँच में यह पता चला की यह रसायन पेनिसिलियम नोततुम है।

लेकिन इस बात में कोई संदेह नहीं है की इस अकस्मात् हुई घटना के बाद भी एक दशक लगा इस दवा को अंतिम रूप देने में। ऐसा नहीं है की किसी अन्य वैज्ञानिक ने इस बात पर गौर नहीं किया कई महान वैज्ञानिक जैसे लुइस पैस्टर और जोसफ लिस्टर ने भी यह प्रक्रिया कई बार देखी थी मगर कभी यह नहीं सोचा की इसका प्रयोग मानव के लिए लाभकारी है।

2. बिग बैंग थ्योरी – इस विषय में हम आपको यह बात बताना चाहेंगे की इसकी शुरुआत cosmic microwave background (CMB) की खोज से शुरू हुई थी जो की बिगबैंग थ्योरी पर खत्म हुई। जॉर्ज गमो ने इस बात के कयास 1940 में लगाये थे की बिग बैंग थ्योरी का अस्तित्व है मगर 1964 में दो रेडियो अस्ट्रोनॉट्स रोबर्ट विल्सन और आरनो पेन्ज़ीअस ने इसकी खोज अकस्मात् ही कर दी।

पेन्ज़ीअस और विल्सन बेल्ल लैब्स न्यू जर्सी में हॉर्न अन्तनं पर काम कर रहे थे तभी उन्होंने यह देखा की कुछ अजीब हस्तक्षेप हो रहे हैं। पहले उन्हें लगा की ये शायद cosmic microwave background (CMB) की वजह से हो रहा है मगर बाद में वो इस बात में आश्वस्त हो गए की यह बिग बंग थ्योरी ही है। इसी खोज का नतीजा है की हमे ब्रह्माण्ड के बारे में पता चला।

3. एक्स-रे – 1895 में जर्मन वैज्ञानिक विल्हेल्म रोन्त्गेन कैथोड रे के साथ कुछ सामान्य खोज कर रहे थे उसी समय उन्होंने इस बात पर गौर किया की कैथोड रे की रौशनी वहां पड़े एक फ्लोरोसेंट लकड़ी के टुकड़े पर पड़ी और यह रौशनी रुक नहीं पायी इसको रोकने के लिए जब उन्होंने अपने हाथ बीच में लगाये तो उनके हाथो का एक्सरे निकल आया। इस तरह से एक्सरे की खोज हुई जो आज के समय में अति महत्वपूर्ण जांचों में से एक है।

सही मायनो में रोन्त्गेन ने यह खोज तब की जब सही इस बात को जानते थे की कैथोड ट्यूब की रोशनी से कुछ ऐसा प्रकाश निकलता है मगर कोई इसका सही उपयोग नहीं जानता था जो की रोन्त्गेन ने किया। कुछ समय तक इसे रोन्त्गेन रे कहा जाता था बाद में इसका नाम एक्स रे पड़ा।

4. विकिरणशीलता (रेडियो एक्टिविटी) – फ्रेंच वैज्ञानिक हेनरी बेकक्वेरेल रोंगटोन के एक्स रे कार्य से प्रभावित होकर 1896 में फोस्फोरेस्केन्स की खोज में लग गए। उनको ऐसा लगा की एक्स रे का मुख्य कारण फोस्फोरेस्केन्स है इसी की पुष्टि में यह खोज शुरू की गयी। पर बाद में यह पाया गया की यूरेनियम का इस्तेमाल मानव शरीर के लिए कितना हानिकारक है और विकिरणशीलता की खोज हुई।

5. पेसमेकर – विल्सन ग्रेअटबतच पेशे से इंजीनियर थे एक दिन जब वो दिल की गति नापने वाले यंत्र पर काम कर रहे थे तभी उनके दिमाग में यह विचार आया की दिल की गति को सामान्य रखने के लिए एक ऐसी मशीन बनायी जा सकती है।

बस फिर क्या था उन्होंने इस विचार पर कार्य करना शुरू किया और अंत में सफलता प्राप्त की। 1958 में इस मशीन का पहला प्रयोग एक कुत्ते पे किया गया था जो की सफल रहा।

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