प्लेन से जुड़े कुछ ऐसे सवालों के जवाब जो शायद आप नहीं जानते

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लंबी दूरी का सफर तय करना हो तो एरोप्लेन से बेहतर कोई और जरिया नहीं है हम कई बार एरोप्लेन में सफर करते हैं लेकिन एरोप्लेन से जुडी कई ऐसी बातों से अनजान होते हैं जैसे आपने अगर गौर किया हो तो एरोप्लेन की खिड़की में एक छेद बना होता है वह क्यों होता है ? शायद आप नहीं जानते होंगे इसके अलावा एरोप्लेन की खिड़कियां छोटी और गोल ही क्यों होती हैं ? ऐसे कई सवाल हैं जिन पर हम या तो गौर नहीं करते या फिर उनके पीछे का सच पता नहीं होता। लेकिन हमारे दिमाग में यह सवाल जरूर उठता है कि ऐसा क्यों होता है।

आइए आज हम आपको ऐरोप्लेन से जुड़े ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब देखते हैं जो शायद आप भी जानना चाहेंगे।

ज्यादातर एरोप्लेन का कलर सफेद ही क्यों होता है ?

एरोप्लेन के सफेद कलर के होने की कई वजह हैं एक तो एरोप्लेन के सफेद कलर होने के कारण इसकी बॉडी में आई खराबी जैसे तेल का रिसना, बॉडी में क्रेक आना इत्यादि आसानी से दिखाई दे जाते हैं। इसके अलावा सफेद कलर होने के कारण इतनी ऊंचाई पर उड़ने पर भी प्लेन का तापमान ठंडा बना रहता है। साथ ही प्लेन के सफेद कलर के कारण इतनी ऊंचाई पर उड़ने पर भी प्लेन आसानी से दिखाई दे जाता है।

ऐरोप्लेन की खिड़कियों के नीचे एक छोटा छेद क्यों होता है ?

दरअसल एरोप्लेन की खिड़कियों के कांच 3 लेयर में बने होते हैं और बीच वाली लेयर में एक छेद दिया होता है वह इसलिए दिया होता है ताकि केबिन का प्रेशर संतुलित रहे। अगर कभी ये प्रेशर तेज होता है तो पहले बाहर की लेयर टूटती है जिससे पायलट को भी सतर्क होने का समय मिल जाता है।

एरोप्लेन की खिड़कियां गोल ही क्यों होती हैं ?

अगर आपने ध्यान दिया हो तो एरोप्लेन की खिड़कियां गोल या थोड़ी घुमावदार होती हैं दरअसल ऐसा इसलिए है ताकि यह खिड़कियां हवा के प्रेशर को झेल सके और इस प्रेशर से खिड़कियां ना टूटे। पुराने समय में ये खिड़कियां चोकोर हुआ करती थी लेकिन बाद में इस समस्या का हल निकाल कर इन खिड़कियों को गोल और थोड़ा घुमावदार बनाया गया जिससे हवा का प्रेशर कम लगता है और खिड़कियां टूटने की संभावना बहुत कम हो जाती है।

लैंडिंग और टेक ऑफ के समय एरोप्लेन की खिड़कियों के शटर क्यों खोल दिए जाते हैं ?

जैसे ही प्लेन टेक ऑफ होता है या प्लेन की लैंडिंग होती है उस समय आपसे खिड़कियों के शटर खोलने का अनुरोध किया जाता है वह इसलिए होता है ताकि प्लेन की सेफ्टी का ध्यान रखा जा सके। शटर खुले होने पर प्लेन में आई किसी तरह की खराबी का पता लगाना आसान हो जाता है।

ऐरोप्लेन की खिड़कियों की साइज हमेशा छोटी ही क्यों होती है ?

एरोप्लेन की खिड़कियों के छोटे होने की वजह भी सेफ्टी ही है दरअसल एरोप्लेन काफी ऊंचाई पर उड़ता है और वहां हवा का दबाव बहुत ज्यादा हो जाता है। अगर खिड़कियां बड़ी होंगी तो उनके टूटने का खतरा भी ज्यादा होगा इसीलिए एरोप्लेन की खिड़कियों की साइज हमेशा छोटी होती है जिससे उन पर हवा का प्रेशर ज्यादा ना बन सके और उनके टूटने की संभावना कम हो।

“क्या आपने कभी सोचा है की क्योँ होता है एरोप्लेन की खिड़की में एक छोटा छेद ?”
“जानिए क्योँ होती है एरोप्लेन की खिड़कियां गोल आकार की”

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