रिलायंस जियो से जुड़ी इन बातों से सब हैं अनजान, आप भी जानिये

रिलायंस कंपनी के मालिक अनिल अंबानी ने रिलायंस जियो की 4G सेवा के जरिये सबसे सस्ते डाटा प्लान पेश कर बाकी सभी टेलीकॉम कंपनियों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। रिलायंस जियो को लेकर लोगों में काफी उत्साह है, तो आइए इस मौके पर आपको रिलायंस जियो से जुडी कुछ रोचक और अनसुनी बातों के बारे में बताते हैं जिनसे शायद आप अभी तक अनजान हैं।

रिलायंस जियो की डिजिटल व्यापारियों के साथ टाई-अप की मंशा

इस टाई-अप के माध्यम से रिलायंस जियो नई कंपनियों और व्यापारियों के लिए सुनहरे अवसर प्रदान चाहता है।

Reliance Jio पहले था IBSL

जून 2010 में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ब्रॉडबैंड वायरलेस की नीलामी (BWA) के बाद Infotel Broadband Services Limited (IBSL) की 96% हिस्सेदारी खरीद ली थी। हालाँकि इस नीलामी में ख़रीदे गए 22 जोन अनलिस्टेड थे लेकिन फिर भी उनका मूल्य 4,800 करोड़ रूपए से भी ज्यादा था। इसके बाद में IBLS ने रिलायंस के दूरसंचार सहायक के तौर पर काम किया और 2003 में इसका नाम बदलकर रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड रखा गया।

रिलायंस जियो को 2015 में शुरू किया जाना था

वैसे तो रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा जियो सेवा की शुरुआत साल 2015 में ही की जानी थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका और 27 दिसंबर 2015 को मुंबई में शाहरुख खान द्वारा जियो की बीटा लॉन्चिंग कराइ गई और टेस्टिंग के लिए ये सेवा रिलायंस के कर्मचारियों के लिए पेश की गई।

युवाओं के साथ की शुरुआत

रिलायंस ने जियो के जबरदस्त डाटा सर्विस प्लान के लिए 60,000 युवाओं को इसमें शामिल किया जिनकी औसत आयु है 30 वर्ष। कंपनी की इसके पीछे सोच थी युवाओं द्वारा युवाओं की सोच की दिशा में काम करना।

LTE सपोर्ट वाले स्मार्टफोन्स

जैसे की हम सब जानते हैं रिलायंस ने जियो के माध्यम से अपनी 4G सेवा शुरू की लेकिन सभी स्मार्टफोन 4G LTE सपोर्ट वाले नहीं हैं। ऐसे में रिलायंस ने पहले इंटेक्स कंपनी से हाथ मिलाया और फिर अपनी खुद की कंपनी LYF के 4G LTE सपोर्ट वाले स्मार्टफोन पेश किये जो रिलायंस जियो सिम सपोर्ट कर सकें।