सुबह पढ़ने के फायदे अनेक

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हम अक्सर इस कश्मकश में रहते हैं कि सुबह पढ़ा जाए या देर रात तक ताकि हमें ज्यादा फायदा हो। इस सम्बंध में हमारा परंपरागत और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण दोनों ही सुबह पढ़ाई को देर रात तक पढ़ने की अपेक्षा ज्यादा फायदेमंद मानते हैँ जिसकी पुष्टि 2008 के टेक्सास यूनिवर्सिटी के सर्वे से होती है जिसके अनुसार सुबह पढ़ने वालों ने देर रात तक पढ़ने वालों के अपेक्षा बेहतर परिणाम दिये। अगर आप भी अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव चाहते हैं तो ज़रूरी है की रोजाना सुबह जल्दी उठने की आदत डालें और उस समय पढ़ाई करें। आइये हम सुबह पढ़ने के फायदे समझें।

1. शांत वातावरण – सुबह की आबोहवा शांत होती है जिस वजह से इस टाइम पढ़ाई हम ज्यादा एकाग्रचित्त होकर कर सकते हैं। आस पास किसी तरह की बाधा या व्यवधान(disturbance) नहीं होता जिससे इस दौरान जो भी पढ़ा जाए उसके ज्यादा समझ मे आने आने तथा याद रह जाने की संभावना होती है।

2. तरोताजा और शान्त दिमाग – सुबह के वक़्त हमारा दिमाग एकदम तरोताजा और शान्त रहता है अतः जो भी हम पढ़ते है उसे हमारा दिमाग शीघ्रता से ग्रहण कर लेता है क्योंकि हमारे दिमाग की नसें इस वक़्त शिथिल (रिलैक्स्ड) होती हैं साथ ही साथ दिमाग तनावमुक्त होता है जो पढ़ाई के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह बात शोध में साबित हो चुकी है कि किसी भी विषय को हम रात की अपेक्षा सुबह के समय में अपेक्षाकृत कम समय में समझ सकते हैं जबकि रात में भी दिमाग एकाग्रचित रहता है।

3. स्वास्थ्य के लिए लाभदायक – जैसा कि हम जानते हैं कि अच्छी पढ़ाई के लिए अच्छा स्वास्थ्य एक आवश्यक शर्त है और सुबह उठना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभदायक है। सुबह के वक़्त प्रदूषण का स्तर निम्न होता है साथ ही साथ इस समय ओज़ोन का संकेन्द्रण ( concentration) सर्वाधिक होता है अतः सुबह उठ कर थोड़ी देर टहलने के बाद पढ़ने वैठने से सारा आलस्य चला जाता है और हम ध्यानपूर्वक पढ़ सकते हैं। साथ ही साथ सुबह उठने से एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार हमारे अंदर होता है और मन प्रसन्न रहता है जो पढ़ाई के लिए बहुत जरूरी है।

4. दैनिक जीवन के अन्य कार्यों के लिए समय की उपलब्धता – सुबह के वक़्त पढ़ाई कर लेने से हमारे पास अपने अन्य दैनिक कार्यों के लिए पर्याप्त समय बचता है, जिसमे हम इन कामों को निपटा लेते हैं जिससे अगले दिन फिर पढ़ाई के लिए बैठते समय पढ़ाई के अलावा अन्य कोई चिंता नही होती है।

5. सोशल मीडिया बाधक नहीँ होता – सुबह के वक़्त पढ़ने से सोशल मीडिया और मोबाईल जैसे माध्यम पढ़ाई के बीच बाधक नहीं बनते क्योंकि इस दौरान हमारे आस पास या पहचान के अधिकतर लोग सोशल मीडिया या मोबाइल आदि पर एक्टिव नहीँ रहते। किसी भी तरह का डिस्टर्बेंस ना होने की वजह से आप पढ़ाई पर ज्यादा फोकस कर पाते हैं।

अतः चाहे ब्रह्ममुहूर्त (सूर्योदय से आधा घण्टे पहले) उठने की हमारी प्राचीनकाल से चली आ रही सीख हो या अंग्रेजी की कविता

Early to bed,
Early to rise
Makes a man
Healthy Wealthy and Wise

दोनों प्रासंगिक हैं और हमारे लिए फायदेमंद भी।

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