सूरजमुखी के बीज के फायदे

सितम्बर 10, 2018

सूरजमुखी के फूल को भला आज कौन नहीं जानता! आज हम बात करेंगे इसके बीज के बारे में। इन बीजों में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, विटामिन्स-बी1, बी३, बी६, वसा, फाइबर, फास्फोरस, सेलेनियम, आइरन, मैग्निशियम, कॉपर, विटामिन- ए, डी, सी और ई, मिनरल आदि पौष्टिक तत्व उच्च स्तर पर पाए जाते है। इनमें इतना एंटी ऑक्सीडेंट होता है की इसके सेवन से त्वचा, बाल, हृदय, पाचन तंत्र आदि सभी स्वस्थ रहते है। इसी कारण से आजकल लोग अपनी सेहत को बनाए रखने के लिए सूरजमुखी के बीजों का सेवन करने लगे है। सूरजमुखी के बीज खाने में जीतने स्वादिष्ट होते है उतने ही पोषण से भी भरपूर है। अपने कई गुणों के कारण सूरजमुखी के बीज आज बड़ी सहजता से हर जगह उपलब्ध है। तो आइए जाने इन बीजों से क्या-क्या स्वास्थ्य लाभ है।

1. हृदय – सूरजमुखी के बीज विटामिन ई और सी का प्राकृतिक स्त्रोत है। जिसके सेवन से बुरा कोलेस्ट्रॉल रक्त वाहिनियों में जमा नहीं हो पाता और रक्त संचार सुचारू रूप से होने लगता है। अपनी इस प्रक्रिया से यह बीज हार्ट-अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं से हृदय की रक्षा करते है। लगभग एक चौथाई कप सूरजमुखी के बीज 90% तक विटामिन ई की दैनिक पूर्ति के लिए सक्षम है।

सूरजमुखी के बीजों में मोनो और पोलीसैच्‍युरेटेड नामक अच्छे फैट्स प्रचुर मात्रा में होते है। जो अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते है। इन बीजों में उच्च स्तर का फाइबर और बिटाइन होता है जो उच्च रक्तचाप को कंट्रोल करता है।

2. हड्डियाँ – सूरजमुखी के बीज में अपार मैग्नीशियम होता है जो हड्डियों के जोड़ में लचीलापन और मजबूती प्रदान करता है। मैग्नीशियम हड्डियों में संग्रह होता है जो हड्डियों की संरचना और ताकत का कारण होता है। इन बीजों में विटामिन ई खूब होता है जो गठिया और सूजन को भी ठीक करने में सक्षम है।

3. प्रतिरक्षा प्रणाली – सूरजमुखी के बीज में जिंक और अन्य पोषक तत्व की मात्रा अधिक होती है जिससे प्रतिरक्षा प्रणाली को बल मिलता है और बार-बार संक्रमण जैसी समस्या नहीं होती। इन बीजों में मौजूद आइरन से मांसपेशियों को ऑक्सिजन मिलता है जिससे मांसपेशियों के दर्द से राहत मिलती है।

4. पाचन तंत्र – एक वयस्क को दिन में कम से कम 30 ग्राम फाइबर की जरूरत पड़ती है। सूरजमुखी के बीज में प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है। इसलिए इन बीजों के सेवन से दैनिक फाइबर की आपूर्ति की जा सकती है। जरूरी फाइबर की पूर्ति से पेट की समस्या जैसे कब्ज, गैस, अल्सर, अपच, बवासीर, पेट का कैंसर आदि बीमारियों की संभावना को कम कर पाचन तंत्र को स्वस्थ रख सकते है। बवासीर में 3-6 ग्राम बीजों के चूर्ण को चीनी के साथ और अपच व कब्ज में सूरजमुखी के तेल की कुछ बूँद एक गिलास दूध में डालकर सेवन करने से जल्द राहत मिलती है।

5. बाल और त्वचा – सूरजमुखी के बीज में पाया जाने वाला विटामिन ई सर में रक्त संचार को बढ़ाकर बालों के विकास में सहायता करता है। इन बीजों में पाए जाने वाले जिंक से बालों की ग्रोथ अच्छी होती है। लेकिन जिंक की अधिकता बाल झड़ने की समस्या भी पैदा कर देती है इसलिए इस्तेमाल में सावधानी बरते।

इसमें पाया जाने वाला फैटी एसिड स्किन को बैक्टीरिया से बचाकर मुँहासों को रोकता है और त्वचा पर नमी बनाए रखता है। इन बीजों में पाए जाने वाले विटामिन ई से त्वचा की रौनक बनी रहती है और यह सूरज की किरणों से भी स्किन की रक्षा करता है। कई रिसर्च के अनुसार यह भी कहा गया है इसके सेवन से एक्जिमा और डर्मेटाइटिस जैसी समस्या से भी निजात संभव है।

6. अस्थमा, कैंसर व तनाव – सूरजमुखी के बीज में विटामिन ई, सेलियम और कॉपर की प्रचुरता के कारण इसमें एंटीऑक्सीडेंट के गुण अच्छे स्तर के होते है जो पेट, प्रोस्ट्रेट, ब्रेस्ट कैंसर और अस्थमा से शरीर की रक्षा करता है। इन बीजों में ट्रीप्टोफैन उच्च स्तर का होता है जिससे मस्तिष्क पर शांत प्रभाव पड़ता है और मैग्नीशियम दिमाग की नसों को शांत रखता है जिससे माइग्रेन या तनाव जैसी समस्या नहीं होती। अगर आप माइग्रेन से जूझ रहे है तो सूरजमुखी के पत्ते का रस और बीजों के लेप से इस समस्या से निजात पा सकते है।

7. एनर्जी – सूरजमुखी के बीज में प्रोटीन, वसा और कार्बोहाइडरेड की मात्रा प्रचुर होती है जो शारीरिक विकास और ऊर्जा का बहुत ही अच्छा स्त्रोत है। इसके नियमित सेवन से एनर्जी का लेवल कभी कम नहीं होता और शरीर हमेशा चुस्त-दुरुस्त महसूस करता है।

सूरजमुखी का बीज एक प्राकृतिक औषधि है जिसके नियमित सेवन से कान का दर्द, जोड़ों का दर्द, गर्भावस्था की समस्या, लीवर आदि कई समस्या का समाधान संभव है। बस ध्यान रखने योग्य यह बात है की इन बीजों का सेवन उतना ही करे जितना आपके दैनिक पोषन को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

सूरजमुखी के बीजों के बारे में संपूर्ण जानकारी हेतु अपने आहार विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले। किसी भी परिस्थिति में विशेषज्ञ से अच्छा कोई मार्गदर्शक नहीं होता। हमने यह लेख प्रैक्टिकल अनुभव व जानकारी के आधार पर आपसे साझा किया है। हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

“एंटीबायोटिक क्या होती हैं?”

अगर आप हिन्दी भाषा से प्रेम करते हैं और ये जानकारी आपको ज्ञानवर्धक लगी तो जरूर शेयर करें।
शेयर करें