आइये जानते हैं सूर्य लाल क्यों दिखाई देता है। प्रकृति ने हमें ऐसे उपहार दिये हैं जो हर पल हैरान तो करते ही हैं, साथ ही नयी ऊर्जा और उम्मीद से भी भर देते हैं। एक ओर चौंका देने वाले ये खूबसूरत नज़ारे हैं तो दूसरी और विज्ञान के तथ्य भी हैं जो हमें प्रकृति के इन चमत्कारों को तर्क की कसौटी पर परखने के लिए प्रेरित करते हैं, तभी हम जान पाते हैं कि आसमान और समुद्र नीले ही क्यों नजर आते हैं।

इन सवालों के जवाब जरूर आपके पास होंगे क्योंकि आप जानते हैं कि सफेद रंग में शामिल सात रंगों में से नीले रंग की वेवलेंथ सबसे कम होती है इसलिए उसका प्रकीर्णन हो जाता है और आसमान और समुद्र नीले दिखाई देते हैं।

लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि पृथ्वी को अपने प्रकाश से रोशन करने वाला सूर्य लाल क्यों होता है? ऐसे में ये जानकारी लेना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है इसलिए आज आपको बताते हैं सूर्य लाल क्यों दिखाई देता है।

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सूर्य लाल क्यों दिखाई देता है?

सुबह और शाम सूरज को देखने पर उसका रंग एकदम लाल नज़र आता है। इसका कारण भी सात रंगों से जुड़ा हुआ ही है। सूरज की किरणों में सात रंग होते हैं जो इन्द्रधनुष में भी पाए जाते हैं यानी बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी और लाल।

सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सूरज क्षितिज के काफी करीब होता है इसलिए सूरज की किरणों को वायुमंडल के एक बड़े क्षेत्र को पार करना पड़ता है।

इस बहुत लम्बे क्षेत्र को पार करने के दौरान सूरज की किरणों में मौजूद सात रंगो में से ज्यादातर रंगों का बिखराव हो जाता है और केवल लाल रंग इतने बड़े वायुमंडल को पार करके हमारी आँखों तक पहुँच पाता है।

क्योंकि लाल रंग की वेवलेंथ ज्यादा होने की वजह से उसका वायुमंडल में बिखराव/प्रकीर्णन सबसे कम होता है इसलिए सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सूर्य लाल रंग का दिखाई देता है। ये लाल रंग का सूरज आपको भी नयी उम्मीद से भर देता होगा ना।

उम्मीद है जागरूक पर सूर्य लाल क्यों दिखाई देता है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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