सुस्ती के कारण और इसे दूर करने के उपाय

अगस्त 27, 2017

कभी-कभी आप पर्याप्त नींद नहीं ले पाते है और कभी ज़्यादा व्यस्त रहने के कारण भी आपके शरीर और दिमाग को आराम नहीं मिल पाता है, ऐसी स्थितियों में थकान और सुस्ती महसूस होना स्वाभाविक है, लेकिन अगर आप सामान्य दिनचर्या और अच्छी नींद लेने के बावज़ूद भी थकान और सुस्ती महसूस करते हैं तो इसे सामान्य बात न समझे। आपने शायद सोचा न हो, लेकिन हर समय महसूस होने वाली ये सुस्ती आपके शरीर के बारे में काफी कुछ बताती है जिसे आप आज तक अनजाने में नज़रअंदाज़ करते आये हैं। तो चलिए, आज आपको बताते हैं कि सुस्ती के कारण क्या हो सकते है और ये सुस्ती आपके शरीर की किन कमियों की तरफ इशारा करती है।

सुस्ती के कारण

सुबह का नाश्ता नहीं करना – सुबह जल्दबाज़ी में ऑफिस के लिए निकलने वाले उन लोगों में से अगर आप भी एक है, जो नाश्ता किये बिना ही घर से बाहर जाते है तो आपको दिनभर रहने वाली सुस्ती का ये एक बहुत बड़ा कारण हो सकता है। दिन की शुरुआत खाली पेट होने की बजाए ऐसे नाश्ते से होनी चाहिए जो प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट्स से भरपूर हो। ऐसा नाश्ता ही आपको दिन भर काम करने की ऊर्जा देता है।

एक्सरसाइज से दूरी बना लेना – हो सकता है कि आप रोज़ाना जिम जाते हो या फिर रेगुलर एक्सरसाइज करते हों। लेकिन जिस दिन आप थोड़ा सुस्त महसूस करते हैं उस दिन जिम और एक्सरसाइज की छुट्टी कर देते हैं। ऐसा करना ही सुस्ती को बुलावा देने जैसा है क्यूँकि वर्कआउट नहीं करने की स्थिति में आप ज्यादा सुस्त महसूस करने लगते हैं और आपका पूरा दिन सुस्ती में ही गुज़रता है।

कैफीन भी है ज़िम्मेदार – लगातार काम करते रहने की स्थिति में दिमाग थक जाता है, ऐसे में फ्रेश फील करने के लिए आप कॉफी पीते हैं जो आपको एनर्जेटिक तो फील कराती है लेकिन ज्यादा कॉफी पीने की आदत आपको सुस्ती की तरफ ले जाती है। कॉफी में मौजूद कैफीन की मात्रा शरीर में ज्यादा होने से भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। अगर पूरे दिन की थकान के बाद भी रात को आप एक अच्छी नींद नहीं ले पाते हैं तो समझ जाइये कि ये आपके शरीर पर कैफीन का दुष्प्रभाव है जो अगले दिन आपको सुस्त बनाये रखेगा।

शरीर में पानी की कमी होना – आप जानते हैं कि रोज़ाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना अच्छी सेहत के लिए ज़रूरी है लेकिन अगर आप कम पानी पीते है तो ये भी आपकी सुस्ती का कारण बन सकता है। कम पानी पीने की स्थिति में शरीर के सभी अंगों में ऑक्सीजन का प्रवाह सही तरीके से नहीं हो पाता है और भोजन से निर्मित पोषक तत्व हर अंग तक पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाते हैं। इस स्थिति में आपका शरीर थकान और शिथिलता महसूस करता है जो आपकी सुस्ती का कारण बनता है।

आयरन की कमी होना – आयरन की कमी का सम्बन्ध भी शरीर में ऑक्सीजन के प्रवाह से होता है और इसकी कमी होने पर एनीमिया रोग हो जाता है जिसके कारण दिन भर सुस्ती का अनुभव होता है और व्यक्ति का स्वाभाव भी चिड़चिड़ा हो जाता है।

ज़्यादा सोचने की आदत – ज्यादा सोचने की आदत भी सुस्ती का कारण बन सकती है। जब आप अनावश्यक विचारों में दिमाग को व्यस्त बनाये रखते हैं तो कुछ समय बात आपको सिर दर्द की शिकायत होने लगती है और आपका शरीर थकान और सुस्ती महसूस करने लगता है।

सुस्ती के कारण को जान लेने के बाद, आइये अब जानते हैं कि कैसे सुस्ती को दूर किया जा सकता है-

दिनचर्या में सुधार लाए – रात की एक अच्छी नींद के बाद सुबह उठकर सैर पर जाएँ और व्यायाम करना शुरू कर दें। सुबह की ताज़ी हवा आपकी सुस्ती को दूर करने में काफी मददगार साबित होगी।

भोजन हो पौष्टिक – संतुलित और पौष्टिक भोजन आपके शरीर में स्फूर्ति लाता है। ऐसे भोजन में हरी सब्ज़ियाँ, दालें, दही और मौसमी फलों को शामिल करें, साथ ही भोजन में विटामिन की मात्रा बढ़ा दें।

मालिश भी है फायदेमंद – थकान और सुस्ती महसूस करने पर, शरीर की खुशबूदार तेलों से मालिश की जाए तो शरीर की थकान भी दूर होगी, साथ ही ब्लड सर्कुलशन बढ़ने से आप एक्टिव महसूस करेंगे। उँगलियों के पोरो से चेहरे पर मसाज करने से भी आप अच्छा महसूस करेंगे।

काम और आराम में संतुलन बनाये – लगातार एक जैसा काम करते रहने से आपको थकान के साथ बोरियत भी होने लगती है और उस काम के बारे में सोचकर ही आप सुस्त महसूस करने लगते हैं। इस स्थिति से बचने के लिए जरुरी है कि आप कोई भी काम लगातार न करें, बल्कि उसे टुकड़ो में बाँट ले और बीच बीच में छोटे छोटे ब्रेक लेकर खुद को फ्रेश फील कराते रहें।

हल्का संगीत सुने – शरीर और मन की निष्क्रियता सुस्ती का रूप ले लेती है। इसे दूर करने के लिए आप म्यूजिक की मदद ले सकते हैं जो आपको पॉजिटिव ऊर्जा देगा और आपके मूड को भी बेहतर बना देगा जिससे आप कोई नया कार्य करने के लिए तैयार महसूस करेंगे और सुस्ती आप पर हावी नहीं हो सकेगी।

ग्रीन टी पीना शुरू करें – ग्रीन टी का एक कप आपकी सुस्ती को दूर करने में काफी मदद कर सकता है, साथ ही इसके सेवन से आप अपना वज़न भी कम कर सकते है।

अखरोट है काफी फायदेमंद – ओमेगा – 3 फैटी एसिड्स अखरोट में पाए जाते है जो सुस्ती और थकान को दूर करते है और अवसाद की स्थिति से भी बचाते हैं। इसके अलावा, अगर आपको झपकियाँ आने की समस्या है तो अभी से अखरोट खाना शुरू कर दीजिये।

अनाज होगा मददगार – अगर आप चुस्त महसूस करना चाहते हैं तो भोजन में अनाज का सेवन शुरू कीजिये क्यूँकि अनाज में फाइबर की मात्रा ज़्यादा होती है और इसमें काम्प्लेक्स कार्बोहायड्रेट पाए जाते हैं। ये दोनों ही सुस्ती और थकान को मिटाने में मदद करते हैं।

अब आप सुस्ती के कारण जान चुके है और सुस्ती होना कोई सामान्य बात नहीं है और इसके लिए कहीं न कहीं हम स्वयं ही जिम्मेदार है। ये हमारे ही हाथ में है कि हम एक चुस्त दुरुस्त दिनचर्या को चुनना चाहते है या फिर सुस्ती से भरे बोझिल दिनों को। तो बस, देर किस बात की। आज ही से अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित कर लीजिये, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना शुरू कीजिये, भोजन की पौष्टिकता पर ध्यान दीजिये और अपने आप को सकारात्मक विचारों से भरपूर रखिये ताकि आप हमेशा ऊर्जावान महसूस कर सकें।

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