स्वाइन फ्लू से बचने के घरेलू उपाय

स्वाइन फ्लू एच1एन1 वायरस से होने वाली एक ऐसी संक्रामक बीमारी है जो महामारी का रूप लेती जा रही है। सूअरों में इस प्रकार का वायरस पाया जाता है इसलिए इसे स्वाइन फ्लू कहा जाता है और सूअरों में पायी जाने वाली इस साँस सम्बन्धी बीमारी का संक्रमण मनुष्यों में भी होने लगा है। स्वाइन फ्लू के लक्षणों को आसानी से पहचाना नहीं जा सकता क्योंकि इसके लक्षण सामान्य जुकाम बुखार जैसे ही होते हैं। लेकिन स्वाइन फ्लू में बुखार अगर 2 दिन से ज़्यादा समय तक रहे और सांस लेने में भी तकलीफ हो तो इसे स्वाइन फ्लू का संकेत समझा जा सकता है। इसके अलावा इससे संक्रमित व्यक्ति में उल्टी, दस्त, थकान और पेट दर्द जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं। ऐसी स्थिति में बिना देर करे, तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

सर्दी और बारिश के मौसम में इसका संक्रमण बहुत तेज़ी से होता है और इस जानलेवा बीमारी का तुरंत इलाज ना किया जाए तो मरीज की जान भी जा सकती है। कमज़ोर प्रतिरक्षा तंत्र वाले लोगों को इस एच1एन1 वायरस से ज़्यादा खतरा होता है और छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, डायबिटिज और हार्ट के मरीजों के लिए भी ये ज्यादा घातक हो सकता है।

ऐसे में इससे बचाव किया जाना ही सबसे बेहतर विकल्प है और इसके लिए अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाना अति आवश्यक है ताकि आपके शरीर में इस रोग के वायरस से लड़ने की ताकत बनी रहे। तो चलिए, आज आपको बताते हैं स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने के लिए क्या घरेलू उपाय किये जा सकते हैं-

तुलसी – तुलसी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद साबित होती है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरस गुण पाए जाते हैं और ये गले और फेफड़ों को साफ करने में भी मदद करती है, साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी सहायक है। रोज़ाना सुबह तुलसी के 5 पत्तों को साफ धोकर खाने से स्वाइन फ्लू के वायरस से लड़ने में शरीर को काफी मदद मिलेगी।

कपूर – कपूर का सेवन करके भी स्वाइन फ्लू से बचा जा सकता है। इसके लिए आप महीने में एक या दो बार कपूर की गोली को पानी के साथ ले सकते हैं और बच्चों को देने के लिए इसका पाउडर बनाकर आलू या केले के साथ मिलाकर दे सकते हैं। लेकिन इसके सेवन के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखने की जरुरत है कि इसे आप रोज़ाना न ले, बल्कि महीने में सिर्फ एक या दो बार ही लें।

गिलोय – स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए गिलोय एक बेहतरीन औषधि है जिसका काढ़ा बनाकर पीने से इस वायरस से बचाव संभव है। काढ़ा बनाने के लिए गिलोय की एक शाखा को तुलसी की 5-6 पत्तियों के साथ 10 से 15 मिनट तक उबालिये और ठंडा करके इसमें थोड़ा सेंधा नमक या काला नमक, मिश्री और काली मिर्च डालकर पीयें। गिलोय और तुलसी से बना ये काढ़ा आपकी इम्युनिटी को बहुत मजबूत बना देगा।

एलोवेरा – एलोवेरा का इस्तेमाल आप त्वचा को सुन्दर बनाने के लिए तो करते ही है लेकिन यही एलोवेरा आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी सहायक होता है। एलोवेरा जैल की एक चम्मच पानी के साथ लेने से स्वाइन फ्लू के असर को कम किया जा सकता है, इसके वायरस से बचाव किया जा सकता है, साथ ही जोड़ों के दर्द में भी राहत पायी जा सकती है और एलोवेरा के सेवन से त्वचा में निखार भी दिखाई देने लगेगा।

गुनगुना दूध और हल्दी – रोज़ाना रात को गुनगुने दूध में हल्दी डालकर पीने से भी इम्युनिटी को बढ़ाया जा सकता है और स्वाइन फ्लू के संक्रमण से बचा जा सकता है।

लहसुन – रोज़ सुबह खाली पेट लहसुन की 2 कलियां गुनगुने पानी के साथ लेने से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी बढ़ जायेगी और साथ ही लहसुन में पाए जाने वाले एंटी-वायरल गुण के कारण भी इसके सेवन से स्वाइन फ्लू से बचाव संभव है।

विटामिन-सी – नींबू, आंवला, मौसमी, संतरा जैसे फलों में विटामिन-सी की प्रचुरता पायी जाती है जो सर्दी और स्वाइन फ्लू के लक्षणों से बचाव में कारगर साबित होती है इसलिए अपने आहार में इन खट्टे फलों को शामिल करिये और आंवले का जूस ज़रूर पीजिये।

नीम – नीम की कड़वाहट के साथ-साथ आप इसके गुणों से भी परिचित हैं। नीम की 3-4 पत्तियों को रोज़ चबाकर आप अपने खून को साफ कर सकते हैं साथ ही नीम के सेवन से वायुजनित बीमारियां दूर की जा सकती है इसलिए स्वाइन फ्लू में भी ये लाभदायक सिद्ध होता है।

कपूर और इलाइची – 5 ग्राम देसी कपूर और 5 ग्राम छोटी इलाइची को साथ में कूटकर एक साफ सूती कपड़े में बाँधकर पोटली बना लें और हर 1-2 घंटे में इसे गहरी सांस लेते हुए 3-4 बार सूंघते रहिये। ऐसा करने से स्वाइन फ्लू के वायरस को दूर रखा जा सकता है।

नियमित प्राणायाम – तन और मन की सेहत के लिए प्राणायाम का महत्व तो आप जानते ही हैं और स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए भी प्राणायाम बेहद लाभकारी सिद्ध हो सकता है क्योंकि ये रोग नाक, गले और फेफड़ों को प्रभावित करता है इसलिए ताज़ी हवा में नियमित प्राणायाम करके आप अपने इन अंगों को स्वस्थ बनाये रख सकते हैं।

इन घरेलू उपायों को अपनाने के अलावा आप कुछ सावधानियां रखकर भी इस बीमारी से खुद को और अपने आसपास के लोगों को बचा सकते हैं-

  • इसके लिए आप अपने आसपास साफ-सफाई का ख़ास ख्याल रखिये।
  • बाहर से आने पर हाथों को अच्छी तरह से धोइये।
  • जुकाम-बुखार होने की स्थिति में बाहर जाने की बजाये घर पर ही रहिये।
  • छींकते और खांसते समय मुँह को रुमाल या टिशू से ढंकिये।
  • मास्क का इस्तेमाल करके भी आप स्वयं को इस इन्फेक्शन से बचा सकते हैं।
  • फ्लू के लक्षण दिखने पर बिना देरी किये डॉक्टर के पास जाइये।

आप अगर इन सभी बातों का ध्यान रखेंगे तो खुद को और अपने आसपास के लोगों को इस संक्रमण से बचा सकेंगे।

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