जिका वायरस के लक्षण, बचाव एवं उपचार

फरवरी 15, 2016

जिका वायरस (Zika Virus) आम तौर पर एक मच्छर के काटने से होता है। इस मच्छर को एडिश एइजिप्टी (Aedes aegypti) मच्छर के नाम से जाना जाता है। इसका दुनिया में सबसे पहला केस 1947 में यूगांडा में पाया गया था। सन 1947 के बाद अचानक यह वायरस 2015 में तेजी से ब्राजील नामक देश में पाया गया। जिका वायरस से ग्रस्त शिशुओं का सिर छोटा व दिमाग अविकसित (माइक्रोसेफेली) होता है। इसके मद्देनजर कुछ देशों ने महिलाओं को 2018 तक गर्भवती ना होने की सलाह दी है। इन देशों में एल सल्वाडोर, कोलंबिया, इक्वेडोर जैसे देश शामिल हैं। इस वायरस के इतने भयानक परिणामों को देखते हुए अमेरिका जैसे बड़े व विकसित देश ने भी अपने देश की महिलाओं को इस जिका वायरस से प्रभावित जगहों पर ना जाने के निर्देश दिए हैं। गर्भवती महिलाओं मे ये वाइरस तेजी से फैलता है। नवजात शिशु पर भी इसका असर बहुत जल्दी होता है।

जिका वायरस के लक्षण – जिका विषाणु से संक्रमित होने पर तेज बुखार, आँखों में जलन त्वचा पर लाल चकते व मांशपेशियों, जोड़ों में दर्द होता है। यह लगभग 5 से 7 दिन रहता है। इस बीमारी के लक्षण दिखते ही तुरंत चिकित्सक को दिखाएँ।

संक्रमण किस मच्छर से – यह एडिश एइजिप्टी मच्छर के काटने पर होता है। विशेषज्ञों की धारणा के अनुसार यही मच्छर, डेंगू व् चिकनगुनिआ के लिए भी जिम्मेदार होते हैं।

संक्रमण से बचने के उपाय – जैसा की हमे ज्ञात है की यह मच्छर के काटने से होता है तो हमे अपने आसपास सफाई रखनी चाहिए। जितना हो सके अपने आप को ढक के रखें, मच्छरदानी व मच्छरों से बचाव वाली क्रीम का प्रयाग करें। अधिक से अधिक पानी व तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। डब्ल्यूएचओ (WHO) का कहना है की बचाव के लिए अपने शरीर को पूरी तरह से धक कर रखे और हल्के रंग के कपड़े पहने।

बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है की जिका वायरस से लड़ने की अभी तक कोई दवा विकसित नहीं हुई है फिर भी कुछ देश इसकी दवा व वैक्सीनेशन (टिके) बना लेने का दम रखते हैं। जिनमे भारत भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा चूका है।

सावधानियां व जागरूकता – भारत के लिए भी चिंता का विषय है। क्योंकि, भारत देश में मच्छरों की संख्या बहुतायत में है और इस मादा (एडीज) मच्छर के कारण डेंगू, चिकनगुनिआ, मलेरिया की बीमारी फैल चुकी है और यह वो मच्छर (एडीज) है जिसके काटने पर जिका वायरस का खतरा बनता है। भारत सरकार व इनके विशेषज्ञों ने यह चिंता व्यक्त की है। हमारे यहाँ भी इस जिका वायरस के भयानक परिणाम हो सकते हैं। जबकि भारत सरकार भी इस बात पर जोर दे रही है की इस वायरस से ग्रस्त देशों से आने वाले लोगों की बारीकी से जांच हो व निर्देश जारी कर रखा है की ऐसे देशों में व जगहों पर न जायें।

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