तारा मछली के बारे में जानकारी

तारा मछली या स्टार फिश को शायद आपने भी देखा होगा और समुद्र में इतने सुन्दर जीव भी होते हैं, ये जानकर आप भी हैरान हुए बिना नहीं रह पाए होंगे और अगर आपने तारा मछली को नहीं देखा है तो चलिए, आज इससे जुड़ी कुछ ख़ास बातें आपको बताते हैं ताकि आप भी तारा मछली को करीब से जान सकें।

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  • स्टार फिश असल में फिश नहीं हैं इसलिए समुद्री वैज्ञानिकों ने इसका नाम बदलकर सी स्टार रख दिया है।
  • मछली की तरह तैरना और गलफड़ों से सांस लेने जैसे कोई भी लक्षण सी स्टार में नहीं पाए जाते हैं।
  • सी स्टार की 2000 से भी ज्यादा प्रजातियां पायी जाती हैं और इन सभी में फाइव पॉइंट रेडियल सिमेट्री होती है यानी इसके शरीर के पांच हिस्से होते हैं जो एक सेंट्रल डिस्क से जुड़े रहते हैं।
  • सी स्टार ना केवल समुद्र की गहराईयों में पायी जाती हैं बल्कि उथले पानी में भी रहती हैं।
  • धरती पर मौजूद हर समुद्र में सी स्टार पायी जाती है लेकिन ये ताजे पानी में नहीं मिलती हैं।
  • इस सुन्दर जीव के पास भी अपनी सुरक्षा के इंतजाम होते हैं। ज्यादातर सी स्टार के शरीर पर कांटे होते हैं जो दूसरे जीवों से उसकी सुरक्षा करते हैं।
  • सी स्टार बहुत से रंगों और पैटर्न में होती है इसलिए इन्हें देखना बहुत रोमांचक होता है।
  • सामान्य सी स्टार की पांच भुजाएं होती हैं लेकिन कुछ प्रजातियों में भुजाओं की संख्या ज्यादा भी होती है जैसे सनस्टार प्रजाति में 40 भुजाएं होती हैं।
  • सी स्टार में अपनी भुजा को रिजनरेट करने की क्षमता होती है यानी कभी शिकारी से अपना बचाव करने के दौरान अगर सी स्टार अपनी एक भुजा शरीर से अलग कर देती है तो कुछ समय में उसकी भुजा वापिस बन जाती है। इसमें लगने वाला समय 1 साल भी हो सकता है।
  • सी स्टार के शरीर के निचले हिस्से में छोटे-छोटे ट्यूब फीट होते हैं जिनकी मदद से वो समुद्रतल पर खिसक पाती हैं। ये ट्यूब फीट खाना ढूंढने में भी सी स्टार की मदद करते हैं।

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