टेलिस्कोप का आविष्कार

हमारे जिज्ञासु स्वभाव के कारण ही बहुत सी नयी-नयी खोजें सदियों से होती आयी है और आज भी ये सिलसिला जारी है। ऐसी ही एक खोज रही है दूरदर्शी या टेलिस्कोप की खोज, जिसने दूर की वस्तुओं को साफ देखना आसान बना दिया। ऐसे में आपको भी टेलिस्कोप से जुड़ी दिलचस्प जानकारी जरूर लेनी चाहिए। तो चलिए, आज जानते हैं टेलिस्कोप का आविष्कार किसने किया।

टेलिस्कोप ग्रीक शब्द टेली (दूर) और स्कोप (दर्शी) से मिलकर बना है। दूरबीन यानी टेलिस्कोप का आविष्कार हॉलैंड के हैंस लिपर्शे ने किया। हैंस लिपर्शे एक चश्मा निर्माता थे और दिलचस्प बात ये है कि लिपर्शे ने टेलिस्कोप का आविष्कार किसी ख़ास वैज्ञानिक उद्देश्य से नहीं किया था बल्कि टेलिस्कोप का आविष्कार एक अचानक हुयी घटना से हुआ।

साल 1608 का वो दिन विज्ञान की दुनिया में विशेष बन गया जब हैंस कांच के दो लेंस की मदद से दूर की वस्तु को साफ देखने का प्रयास कर रहे थे। उस समय उन्होंने दोनों लैंसों को एकदूसरे के समान्तर सही दूरी पर रख दिया और पाया कि ऐसा करने पर दूर की वस्तुएं एकदम साफ दिखाई दे रही हैं। इस घटना के बाद हैंस ने दो लैंसों को समायोजित करके एक खिलौना बनाया जिससे दूर की वस्तुएं साफ दिखाई देने लगी और वही खिलौना दूरबीन या टेलिस्कोप कहलाया।

हैंस लिपर्शे द्वारा खोजे गए टेलिस्कोप का सही इस्तेमाल 1609 में इटली के महान वैज्ञानिक गैलीलियो गैलिली ने किया जिन्होंने इस उपकरण का फिर से निर्माण किया और इसका उपयोग खगोलीय घटनाएं देखने में पहली बार किया। गैलीलियो की दूरबीन अपवर्तक दूरबीन थी। इस तरह की दूरबीन में लैंसों का इस्तेमाल किया जाता है।

इस टेलिस्कोप की मदद से गैलीलियो ने चन्द्रमा पर स्थित क्रेटर, बृहस्पति ग्रह के चार उपग्रहों और सौर धब्बों के बारे में पता लगाया और साल 1610 में गैलीलियो ने अपनी महान खोजों के आधार पर अपनी पुस्तक ‘तारों का संदेशवाहक’ भी लिखी।

गैलीलियो के बाद न्यूटन जैसे महान वैज्ञानिक ने भी एक विशेष प्रकार के परावर्तक दूरबीन का निर्माण किया जिसे आज न्यूटोनियन टेलिस्कोप कहा जाता है। न्यूटन के दूरबीन के आविष्कार से पहले दूरबीनों में लेंसों का इस्तेमाल होता था जिसके कारण अपवर्तन ज्यादा होता था और बनने वाले चित्र का प्रतिबिम्ब धुंधला और रंगीन होता था। इस समस्या को दूर करने के लिए न्यूटन ने अपने दूरबीन में प्रकाश को केंद्रित करने के लिए लैंसों की बजाये दर्पण का इस्तेमाल किया जिससे अस्पष्ट और रंगीन प्रतिबिम्ब की समस्या दूर हो गयी।

न्यूटन के परावर्तन दूरबीन के आविष्कार के बाद खगोलविद एन. कैसीग्रीन ने न्यूटोनियन टेलिस्कोप की तुलना में बहुत ज्यादा शक्तिशाली परावर्ती दूरबीन का आविष्कार किया। इस दूरबीन में कैसीग्रीन ने लैंसों के साथ उत्तल और अवतल दर्पणों को भी इस्तेमाल किया था।

दूरबीन की महान खोजों के बाद खगोलीय पिंडों के एकदम सटीक प्रेक्षण लेने के लिए अंतरिक्ष दूरबीन भी निर्मित किये गए हैं जिनमें से दो प्रसिद्ध अंतरिक्ष दूरबीन हब्बल अंतरिक्ष दूरबीन और चन्द्रा एक्स-रे दूरबीन है।

दोस्तों, उम्मीद है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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