होम रोचक तथ्य

टेंपल ऑफ फायर मंदिर की दिलचस्प बातें

भारत के बहुत से ऐसे मंदिर है जिनकी मान्यता पूरी दुनिया में है। बहुत से ऐसे मंदिर है जहां जाकर सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। आप सभी ने ज्वालपा मां के बारे में सुना होगा बहुत से लोगों ने वहां जाकर दर्शन भी किए होंगे। जहां भक्त नौ ज्वालाओं की पूजा करते हैं। जहां हमेशा शेरावाली मां की ज्योत जलती रहती है। यह कुदरत का करिश्मा ही है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि ज्वाल्पा देवी की तरह ही एक ऐसा मुस्लिम देश है जहां कई सालों से मां दुर्गा की अखंड ज्योति जल रही है। अगर आपको इसके बारे में नहीं पता तो कोई बात नहीं हम आपको बताते हैं टेंपल ऑफ फायर मंदिर की दिलचस्प बातें।

  1. अजरबैजान देश में जहां 95 प्रतिशत मुस्लिम लोग रहते हैं। वहां यह अखंड ज्योत जल रही है। यह ज्योत सात छेदों से होकर निकलती है। मंदिर के बाहर एक अग्निकुंड मंदिर भी स्थापित है। जिसकी वजह से इस मंदिर को टेंपल ऑफ फायर के नाम से जाना जाता है।
  2. इस मंदिर में बेशक कम ही श्रद्धालु आते हैं लेकिन कहा जाता है कि सालों पहले भारतीय कारोबारी इस मंदिर के रास्ते से होकर निकला करता थे। उन्होंने ही इस मंदिर का निर्माण करवाया था। यहां दर्शन के लिए सालाना 15 हजार श्रद्धालु पहुंचते हैं।
  3. ऐसा भी माना जाता है कि बुद्धदेव नाम के भारतीय शख्स ने इस मंदिर को बनवाया था, जो हरियाणा के मादजा गांव के रहने वाले थे। मंदिर मे मौजूद एक अन्य शिलालेख के अनुसार उत्तमचंद और शोभराज ने भी मंदिर निर्माण में अहम भूमिका निभाई थी।
  4. ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर में काफी सालों से लगातार मां दुर्गा की अखंड ज्योति जल रही है। इसी वजह से मंदिर का नाम टेंपल ऑफ फायर रखा गया है। मंदिर के रास्ते से होकर गुजरने वाले हर भारतीय यह मत्था जरूर टेका करता था। इसके अलावा मंदिर के पास में बनी कोठरियों में व्यापारी विश्राम किया करते थे।
  5. कहा जाता है कि ईरान के लोग भी यहां पूजा-अर्चना के लिए आया करते थे। ऐसी मान्यता है कि सन 1860 में पुजारी यहां से चले गए थे। जिसके बाद से कोई पुजारी यहां लौटकर वापस नहीं आया। उस समय से श्रद्धालुओं का मंदिर में आना भी कम हो गया।
  6. अजरबैजान की सरकार ने साल 1975 में इस मंदिर को स्मारक बना दिया था।
  7. साल 1998 में यूनेस्को ने इस मंदिर को विश्व धरोहर के तौर पर नामित किया था। जिसके बाद सरकार ने इसे हिस्टोरिकल आर्किटेक्चर रिजर्व घोषित कर दिया था।
  8. मंदिर के गुंबद पर एक प्राचीन त्रिशूल स्थापित है और उसकी दीवारों पर गुरुमुखी में कुछ लेख लिखे हुए हैं। यहां आपको वास्तुशिल्प के भी अनोखे नमूने देखने को मिलेंगे।
  9. हिंदू धर्म में अग्नि यानी आग को काफी पवित्र माना जाता है। इसी वजह से इस मंदिर में जल रही ज्योति को साक्षात मां दुर्गा का स्वरूप माना जाता है।
  10. अगर आप इस मंदिर के दर्शन करना चाहते हैं तो आप इस देश की यात्रा कर सकते हैं। यह किसी चमत्कार से कम नहीं है कि 95 प्रतिशत मुस्लिम आबादी के बावजूद भी यहां माता की ज्योत निरंतर जल रही है।

ये थी उस अनोखे मंदिर के बारे में जानकारी जहां मां दुर्गा अग्नि रूप में विराजमान हैं और भक्तों के कष्ट हरने के लिए तत्पर हैं। आपको यह लेख कैसा लगा? अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी। अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है, हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

“स्वर्ण मंदिर से जुड़े रोचक तथ्य”
“दुनिया के 10 सबसे प्राचीनतम मंदिर”

अगर ये जानकारी आपको अच्छी लगी तो अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।



Add a comment