टर्म प्लान क्या होता है और हमारे लिए क्यों जरुरी है?

हमने पिछले लेख में फाइनेंशियल प्लानिंग के महत्व व ज़रूरत के बारे में बात की थी। आप फाइनेंशियल प्लानिंग से क्या समझ रहे हैं? इसमें केवल फाइनेंशियल यानि पैसों की प्लानिंग होगी? नहीं आप गलत सोच रहे हैं। पैसों की प्लानिंग भी फाइनेंशियल प्लानिंग का एक अहम हिस्सा है परन्तु वो सबसे आखिर में आता है। फाइनेंशियल प्लानिंग का सबसे महत्वपूर्ण स्टेप होता है टर्म प्लान ।

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टर्म प्लान के बारे में बताने से पहले हम आपको कार इंश्योरेंस के बारे में बताना चाहेंगे। हम लोग कोई भी कार खरीदते हैं, तो खरीदते ही शोरूम से बाहर आने से पहले ही हमें कार का इंश्योरेंस लेना होता है। ऐसा हम इसलिये करते हैं कि यह सरकार की तरफ से कानूनी तौर पर ज़रूरी होता है और कार का इंश्योरेंस होने का यह भी फायदा होता है कि कार खोने या एक्सीडेंट हो जाने पर हमारे नुकसान की क्षतिपूर्ति इंश्योरेंस कंपनी से हो जाती है। और अगर उस साल कुछ नहीं होता है तो हमारे द्वारा दिया गया प्रीमियम हमारा खर्चा हो कर Lapse हो जाता है। 5 लाख की कार में इंश्योरेंस का प्रीमियम सामान्यतः 10 से 12 हज़ार रूपये होता है।

टर्म प्लान भी कार इंश्योरेंस की तरह ही होता है। कार की कीमत तो हमें पता होती है – परन्तु आपकी और हमारी कीमत असीमित है। हम सबको अपने घर के व्यक्ति से बहुत प्यार है, उसकी भावनात्मक मूल्य असीमित है, परन्तु हमें टर्म प्लान के लिये उस व्यक्ति की फाइनेंशियल वैल्यू निकालनी होती है।

हमने अपने टर्म प्लान के प्रीमियम का भुगतान कर दिया, अगर अब हमें कुछ भी (मृत्यु) हो जाता है (प्राकृतिक या दुर्घटनात्मक), तो हमें अपने द्वारा निर्धारित की गयी राशि (Sum Assured) का पूर्ण भुगतान हमारे Nominee को हो जाता है। कुछ नहीं होने की स्थिति में हमारे द्वारा जमा कराई गई प्रीमियम रकम Lapse हो जाती है।

टर्म प्लान घर के मुखिया का ही लेना चाहिये जिसके ऊपर घर का सारा आर्थिक भार है। फाइनेंशियल वैल्यू निकालने का सबसे सरल तरीका है कि घर के मुखिया की समस्त स्त्रोतों से समस्त आय का कम से कम 10 से 15 गुणा। उदाहरण – एक व्यक्ति की सालाना आय 5,00,000 (पाँच लाख) रूपये है तो उसकी फाइनेंशियल वैल्यू 50 लाख से 75 लाख होगी। इसमें लोन राशि को भी जोड़ देना चाहिये अगर उस व्यक्ति ने कोई भी लोन ले रखा है।

टर्म प्लान व्यक्ति को अपनी आय शुरू होते ही ले लेना चाहिये। कारण टर्म प्लान में एक बार जो प्रीमियम तय हो जाता है वो अगले 35-40 वर्षों तक समान रहता है। जितनी कम उम्र होगी उतना ही प्रीमियम कम होगा। टर्म प्लान के प्रीमियम निर्धारण के लिये व्यक्ति की उम्र के साथ उसका स्वास्थ्य, खान-पान का तरीका एवं आय सबका माप-दण्ड लेना होता है। एक 25 वर्ष का स्वस्थ व्यक्ति जो धूम्रपान नहीं करता है उसका 50 लाख का टर्म प्लान 40 वर्षों के लिये प्रीमियम करीब 5000/- आता है और ये खास बात है कि ये प्रीमियम अगले 40 वर्षों तक समान रहता है।

तो दोस्तों अपनी फैमिली को किसी भी आकस्मिक दुर्घटना से होने वाले नुकसान से बचाने के लिये टर्म प्लान बहुत ज़रूरी है और यह बहुत सस्ता पड़ता है अगर शुरूआती दिनों में ही ले लिया जाये। आजकल इसमें कई सारे Riders भी उपलब्ध हैं और कई सारे विकल्पों के साथ जो व्यक्ति विशेष, समय व उसकी आय – खर्चे के अनुसार निर्धारण करने चाहिये। हमारी राय में सिंपल टर्म प्लान सबसे बेहतरीन तरीका है। ‘‘इंश्योरेंस का वास्तविक मतलब टर्म प्लान ही होता है’’।

ये लेख फाइनेंशियल एडवाइजर श्री राजेश कुमार सोढानी, सोढानी इंवेस्टमेंट्स, जयपुर द्वारा प्रस्तुत है। फाइनेंशियल प्लानिंग पर आधारित ये लेख आपको कैसा लगा? अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी। अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है, हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

“फाइनेंशियल प्लानिंग क्या है और इसके फायदे”