अधिक ठंड में पानी के पाइप क्यों फट जाते हैं?

सर्दी का मौसम शायद आपको भी पसंद हो लेकिन सर्दियाँ जब बहुत ज्यादा बढ़ जाती हैं तो ऐसी तेज ठंड में हम ठिठुरने लगते हैं और बहुत सी चीज़ें ठंड में जाम होने लगती है, कुछ चीज़ें तो फट भी जाती हैं जैसे पानी के पाइप। ऐसे में ये जानना जरुरी है कि ज्यादा ठंड पड़ने पर पानी के पाइप क्यों फट जाते हैं। तो चलिए जागरूक पर आज इसी बारे में बात करते हैं।

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पानी के ठोस, द्रव और गैस तीनों ही रुपों को हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में देखते भी हैं और इस्तेमाल भी करते हैं।पानी द्रव अवस्था में भी पाया जाता है लेकिन इसके कई गुण बाकी द्रवों से थोड़े अलग होते हैं। जब किसी द्रव यानी तरल पदार्थ के अणु ठंडे होते हैं तो उनकी गति धीमी हो जाती है। ऐसा होने पर अणुओं को एक दूसरे के साथ आने का मौका मिलता है और ऐसा होने पर उस तरल का गाढ़ापन या सघनता बढ़ जाती है।

पानी के साथ कुछ हद तक ऐसा ही होता है। जब पानी के अणु ठंडे होते हैं तो उनकी सघनता भी बढ़ जाती है लेकिन पानी के मामले में ये सघनता धीरे नहीं बढ़ती बल्कि तेज गति से बढ़ती है और 3.98 डिग्री सेल्सियस तक तेजी से बढ़ने के बाद पानी फिर से फैलना शुरु करता है।

पानी के पाइप फटने का कारण भी इसी प्रक्रिया से सम्बन्ध रखता है। ठंड में पाइप के अंदर बहता हुआ पानी जमने लगता है जिससे पानी का आयतन इतना बढ़ जाता है कि पाइप की दीवारों पर दबाव डालने लगता है। इस दबाव को पाइप सहन नहीं कर पाते हैं इसलिए फट जाते हैं।

पानी के पाइप फटने की समस्याएं ऐसे क्षेत्रों में ज्यादा होती है जहाँ तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से कम होता हो और पाइप का इंसुलेटेड ना होना भी सर्दी में उसके फटने का कारण बनता है।

दोस्तों, उम्मीद है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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