प्रदूषण का भारतीय शहरों पर असर

हम सभी प्रदूषण के प्रभावों से भली भाँती वाकिफ हैं पर अधिकतर लोग इस बात को मानते हैं की प्रदूषण सिर्फ बड़े शहरों में ही है जैसे की दिल्ली मुंबई इत्यादि। शायद आप इस बात को जान के चकित रह जायेंगे की भारत में कई ऐसे शहर हैं जहाँ प्रदूषण दिल्ली से भी कई गुना ज़्यादा है। जैसे की मुजफ्फरपुर और वाराणसी इन शहरों में प्रदूषण की स्थिति अन्य शहरों से कई गुना ख़राब है।

एक अनुसन्धान जो की CPCB द्वारा किया गया सितम्बर 2015 से जनवरी 2016 तक जिसमे जारी किये गए आंकड़े रंगों में विभाजित किये गए है। यह अनुसन्धान मुख्य रूप से सात प्रकार के प्रदूषणों पर आधारित है। अमृता रॉय इस अनुसन्धान की अध्यक्ष है उन्होंने एक अख़बार को दिए अपने इंटरव्यू में यह बताया की यह आंकड़े इस बात को आसानी से दर्शा रहे हैं की भारत में अब समय आ गया है की प्रदूषण को गंभीरता से लिया जाये।

प्रदूषण की स्थिति भारत में दिन प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है और इस पर अगर आनेवाले समय में उचित कदम नहीं उठाये गए तो समस्या गंभीर हो सकती है। छोटे शहरों में प्रदूषण बढ़ती घटती दर में होता है जबकि बड़े शहरों में प्रदूषण एक खतरनाक स्तर पर बना रहता है जो स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है इससे कई प्रकार के रोग भी हो सकते हैं।

प्रदूषण को रोकने में सरकार तो अपने काम करेगी मगर क्या हम अपना फ़र्ज़ निभा रहे हैं। शायद नहीं क्योंकि हम हर उस प्राकर्तिक संसाधन का ज़्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं जो की बहुत सीमित मात्रा में है। इस्तेमाल करने तक तो बात ठीक थी मगर हम इन्हें दूषित भी कर रहे हैं। अभी भी समय है हमें सोचना चाहिए की हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को क्या देकर जायेंगे।