सकारात्मक सोच की शक्ति

सकारात्मक सोच सिर्फ़ हमे ही नही बल्कि हमारे आसपास के वातावरण को भी खुशनुमा बना देती है। कुछ ही समय पहले अमेरिका में एक सर्वे हुआ था, जिसमे यह बताया गया की सकारात्मक सोच वाले लोगों की उम्र नकारात्मक सोच वाले लोगों से ज़्यादा होती है। सकारात्मक सोच वाले लोगों का जीवन हर पल सुख, शांति, समृद्धि के साथ व्यतीत होता है। सकारात्मक सोच में एक जादुई शक्ति होती है जिसके कारण ऐसे लोग अपने सपनों को आसमान की उँचाइयो तक ले जाने में भी सक्षम होते है।

सकारात्मक सोच वाले लोगों के पास अगर छोटे-छोटे अवसर भी आए तो वे इसे सफलता में बदल देते हैं और दुनिया में एक मिसाल कायम करते हैं। फिर चाहे कितनी भी रुकावटें, मुसीबतें, आँधी-तूफान क्यूँ न आए, इनका बस एक ही लक्ष्य होता है निरंतर आगे बढ़ना।

एक गावँ में एक युवक रहता था उसके पास किसी भी तरह की कोई कमी नही थी लेकिन फिर भी वो हमेशा दुखी और परेशान रहता था क्योंकि वो कभी भी किसी के लिए सकारात्मक सोच नही रखता था। सभी पर  संदेह करना उस व्यक्ति की प्रवृति हो गयी थी। एक दिन उस युवक को किसी महान बाबा के बारे में पता चला की उनके पास सभी की परेशानियों का हल है। वो युवक उस बाबा के पास जाता है और पूछता है बाबाजी आप जहाँ रहते हो वहाँ के लोग कैसे है?

बाबाजी मुस्कुराए और उस युवक से पूछा कि “आप जहाँ से आए हो वहाँ के लोग कैसे हैं?”, तो उस व्यक्ति ने उत्तर दिया कि “बाबाजी मेरे गाँव के तो सभी लोग बुरे से बुरे हैं”। तो बाबाजी ने कहा यहाँ के लोग भी बुरे हैं। तभी कुछ देर में एक दूसरा व्यक्ति आता है और बाबाजी से वही प्रश्‍न पूछता है की यहाँ के लोग कैसे हैं? बाबाजी ने उस दूसरे व्यक्ति को भी यही पूछा की “आप जहाँ से आए हो वहाँ के लोग कैसे हैं?”। तो उत्तर में उस दूसरे व्यक्ति ने कहा “बाबाजी मेरे गाँव में तो सभी लोग बहुत ही अच्छे हैं”। तो बाबाजी ने कहा की “हमारे यहाँ भी सभी लोगअच्छे हैं”।

दोस्तो – आप सोच रहे होंगे क बाबाजी ने एक ही प्रश्‍न के दो व्यक्तियो द्वारा पूछे जाने पर दोनो को अलग-अलग उत्तर क्यो दिए। क्योंकि पहले व्यक्ति ने नकारात्मक सोच के साथ बाबाजी से प्रश्न किया था और बाबाजी जानते थे की जो मनुष्य अपने आसपास सिर्फ़ बुरा ही देखता है वो भला कही भी चला जाए उसे हर जगह बुराई ही दिखेगी।

ठीक उसके विपरीत दूसरे व्यक्ति को बाबाजी ने सकारात्मक उत्तर दिया क्योंकि वो जानते थे यह व्यक्ति सकारात्मक सोच वाला है और यह अगर हज़ारो बुरे विचारों वाले मनुष्यों के साथ भी रहेगा तो उसमे भी अपने लिए सकारात्मक परिस्थिति बना लेगा।

इस बात से हमे यह प्रेरणा मिलती है की हमारे सकारात्मक विचार ही हमारे जीवन का निर्माण करते हैं।

आप जानना चाहेंगे की सकारात्मक सोच को अपने अंदर कैसे जीवित रखा जाए जबकि चारो तरफ नकारात्मक सोच का ही बोलबाला है।

यह सुधार हमारे अंदर एक दिन या कुछ महिनें में नही बल्कि निरंतर प्रयास से आएगा। अच्छी किताबे, अच्छे वीडियो, प्रेरक प्रसंग के साथ-साथ जितना हो सके समाज सेवा में भाग लीजिए, जिससे आपको शांति के साथ साथ अनुकूल वातावरण भी मिलेगा जो की आपका मन शांत करेगा और जब आपका मन शांत होगा तो आप स्वयं ही सकारात्मक सोच की तरफ अग्रसर होंगे।

समाज के प्रति, खुद के प्रति जागरूक रहना ही हमारी पहली सकारात्मक सोच है। यह सोच हमें ईश्वर की देन है और हमारी सबसे बड़ी ताक़त है। इसमे ईश्वर की जादुई शक्तियाँ समाई हुई है और इस शक्ति को हमें हमेशा अपने पास रखना है क्योंकि यह दुनिया का बहुमूल्य खजाना है और इस बेशक़ीमती खजाने को हमे निरंतर बढ़ाते ही रहना है। फिर देखिए आप का यह अनमोल जीवन कितना सुंदर और जीवंत हो जाएगा।

आइए हम आज से ही यह कोशिश करे की हम अपनी सकारात्मक सोच पर नकारात्मक सोच को कभी हावी नही होने देंगे चाहे परिस्थिति कैसी भी हो।

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