समय कण क्‍या है?

नवम्बर 27, 2018

आपने बचपन में परियों की कहानियां जरूर देखी होगी और फिल्मों में टाइम मशीन जैसी चीज़ें भी देखी होंगी जिन्हें देखकर आपको भी लगता होगा कि काश ऐसी कोई परियों की कहानी का हिस्सा आप भी होते या फिर फिल्मों जैसी टाइम मशीन में आप भी सफर कर पाते। ऐसे में आज आपको इनसे मिलती-जुलती ऐसी ही एक चीज़ के बारे में बताते हैं जिसे Time Crystals यानी समय कण कहा जाता है। तो चलिए जानते हैं समय कण के बारे में।

जिस तरह टाइम मशीन जैसी चीज़ों की खोज लगातार चलती रहती है वैसे ही समय कण यानी टाइम क्रिस्टल को खोज पाने की बहुत सी कोशिशें साइंटिस्ट्स ने कई सालों तक की है और ये टाइम क्रिस्टल या स्पेस टाइम क्रिस्टल एक ऐसी संरचना होती है जो समय के साथ-साथ स्पेस में भी अपना अस्तित्व कायम रखती है। ये त्रि-आयामी टाइम क्रिस्टल अंतरिक्ष में एक रिपिटेड पैटर्न होता है जो समय बदलने पर भी बदलता नहीं है यानी अपरिवर्तित रहता है। एक टाइम क्रिस्टल कभी भी थर्मल संतुलन तक नहीं पहुँच पाता है क्योंकि ये एक गैर-संतुलन पदार्थ होता है।

टाइम क्रिस्टल का विचार पुराना नहीं है बल्कि ये विचार सबसे पहले साल 2012 में नोबेल पुरस्कार जीतने वाले एमआईटी के प्रोफेसर फ्रैंक विल्केज़ ने दिया था, जिसके बाद इस पर कई रिसर्च किए गए और ये साबित हुआ कि टाइम क्रिस्टल संतुलन में मौजूद नहीं हो सकते हैं। इसके बाद साल 2016 में नॉरमन याओ और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के उनके साथियों ने गैर-संतुलन क्रिस्टल बनाने का एक तरीका खोज निकाला।

अब टाइम क्रिस्टल पर रिसर्च करने वाले वैज्ञानिक तापमान असंतुलन की प्रक्रिया से एक नया पदार्थ बनाने का प्रयास कर रहे हैं। ये टाइम क्रिस्टल भौतिकी के टाइम ट्रांसलेशन सिमिट्री से मेल खाते हैं इसलिए वैज्ञानिकों ने इस सिमिट्री को दो अलग भागों में तोड़ने के प्रयास किये हैं ताकि एक नया पदार्थ बनाया जा सके।

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