जानिए क्या होता है TIN नंबर, किसके लिए है जरुरी और कहाँ अप्लाई करें ?

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TIN नंबर को लेकर अक्सर लोग कंफ्यूज रहते हैं क्योंकि सभी को इसकी पूरी जानकारी नहीं होती और कुछ लोग जो जानते हैं की TIN नंबर क्या होता है उन्हें ये नहीं पता होता की TIN नंबर क्यों, कब और किसके जरिये लेना होता है और इसके फायदे क्या है ? तो आज हम आपको TIN नंबर से जुडी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां देंगे की आखिर TIN नंबर क्या होता है, कब लेना जरुरी हो जाता है और इसके क्या क्या फायदे होते हैं ?

क्या है TIN नंबर
TIN की फुल फॉर्म होती है tax identification number जो की एक यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर होता है जो व्यापार करने वालों को लेना जरुरी होता है। इस TIN नंबर के जरिये ही वैट कानून के तहत किसी डीलर की पहचान की जाती है और यह नंबर टैक्‍स से सबंधित जानकारी प्राप्‍त करने के उपयोग में आता है। TIN नंबर हमेशा 11 अंको का होता है।

Tin नंबर क्यों जरूरी है?
Tin नंबर हर तरह के व्यापारी को लेना आवश्यक होता है, अगर कोई ऑनलाइन व्यापार करता है उसके लिए भी Tin नंबर जरुरी है।
दरअसल राज्य सरकार अपने राज्य के व्यापारियों से सामान के क्रय-विक्रय पर वैट या सेल्‍स टैक्‍स वसूलती है और उसी के लिए Tin नंबर जरुरी होता है। साधारणतः 5 से 10 लाख तक की सालाना आय करने वाले व्यापारियों पर वैट लागू नहीं होता, हालाँकि यह सीमा हर राज्य की अलग हो सकती है लेकिन राज्य की तय सीमा से ज्यादा कमाई करने वाले व्यापार पर वैट लागू होता है और ऐसे में उन व्यापारियों के लिए Tin नंबर लेना जरुरी हो जाता है।

Tin नंबर के लिए जरूरी दस्तावेज
Tin नंबर के लिए अप्लाई करने से पहले आपके पास कुछ जरुरी दस्तावेज होने चाहिए ताकि Tin नंबर प्राप्त करने में कोई रूकावट ना आये। Tin नंबर के लिए ये दस्तावेज जरुरी होते हैं –

  • पहचान पत्र (आधार कार्ड/वोटर कार्ड/पैन कार्ड)
  • व्यापारी की 6 फोटो
  • बिजनेस प्रूफ आईडी
  • व्यापार के पते का प्रूफ
  • पैन कार्ड
  • रेफ़्रेन्स ऑफ सेक्‍योरिटी
  • परचेज इनवॉइस
  • LR/GR की कॉपी
  • पेमेंट कलेक्शन प्रूफ और इसका बैंक स्टेटमेंट

Tin के लिए ऑनलाइन आवेदन कहाँ करें ?
आप ऑनलाइन भी Tin नंबर के लिए आवेदन कर सकते हैं इसके लिए इसकी रजिस्टर्ड वेबसाइट www.tin.tin.nsdl.com विजिट करें।

जीएसटी के बाद Tin नंबर
देश में जीएसटी लागू हो गया है और जीएसटी लागू होने के बाद सभी तरह के अलग अलग टैक्स नहीं देने होंगे और इसके बाद देश भर में सिर्फ एक ही टैक्स लागू है वो है जीएसटी, तो जीएसटी लागू होने के बाद सिर्फ जीएसटी नंबर या रजिस्‍ट्रेशन की ही आवश्यकता है। फिलहाल जिनके पास Tin नंबर है उनके Tin नंबर जीएसटी में स्थानांतरित करके जीएसटी नंबर जारी कर दिए जाएंगे।

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