तंबाकू के खतरनाक नुकसान

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वर्तमान समय में तंबाकू का सेवन करने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। वयस्कों के साथ-साथ युवा भी तेजी से इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं। इससे वे न सिर्फ तंबाकू के आदी हो रहे हैं बल्कि तंबाकू का सेवन उनके जीवन का हिस्सा बनता जा रहा है। कहा जाता है कि तंबाकू एक मीठा जहर है, यह धीरे-धीरे इंसान को अंदर से खोखला करता है और फिर उसकी जान ले लेता है। हालांकि ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है जो इस बात से अनजान हो फिर भी लोग तंबाकू का सेवन कर अपने जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

बहुत से लोग तंबाकू का इस्तेमाल सिगरेट के रूप में करते हैं तो कुछ ऐसे भी लोग हैं जो तंबाकू को चबाते हैं। तंबाकू में निकोटिन पाया जाता है और इसके सेवन के बाद स्ट्रेस से राहत मिलती है। तंबाकू का सेवन करने वालों को धीरे-धीरे इसकी आदत लग जाती है। तंबाकू का प्रभाव हर व्यक्ति पर अलग-अलग पड़ता है। यह उस व्यक्ति के स्वास्थ्य, वजन और कितनी मात्रा में वह तंबाकू का सेवन करता है, इस पर भी निर्भर करता है।

अगर आप अभी तक तंबाकू के सेवन से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव से अनभिज्ञ हैं तो आइए हम बताते हैं इससे होने वाले नुकसान के बारे में-

मुंह और दांत की समस्या : स्टडी में पाया गया है कि तंबाकू चबाने वाले लोगों के मुंह में ल्यूकोप्लैकिया होने का खतरा रहता है। ल्यूकोप्लैकिया मुंह के अंदर होने वाला भूरा-सफेद रंग का धब्बा है जो कैंसर का रूप धारण कर लेता है। अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से तंबाकू का सेवन कर रहा है तो उसमें ल्यूकोप्लैकिया की संभावना सबसे ज्यादा होती है। इसके अलावा तंबाकू का सेवन करने वालों के दांतों में दाग के निशान पड़ने लगते हैं। धीरे-धीरे यह दांतों के मसूड़ों के टिश्यू को नुकसान पहुंचाने लगता है। इसकी वजह से मुंह में मसूढ़ों की बीमारी, कैविटी और दांत टूटने की समस्या उत्पन्न होने लगती है।

कैंसर – तंबाकू का सेवन करने से गले, पेट, आंत और मुंह के कैंसर की ज्यादा संभावना होती है। इसके साथ ही महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का खतरा रहता है। तंबाकू का सेवन करने वाले 85 वर्ष से कम उम्र के 22.1 प्रतिशत पुरुष औऱ 11.9 प्रतिशत महिलाओं की मृत्यु लंग कैंसर से होती है।

प्रेगनेंसी और ब्रेस्टफीडिंग पर प्रभाव- प्रेगनेंसी के दौरान तंबाकू का सेवन करने वाली महिलाओं में कई तरह के ड्रग्स उसके प्लेसेंटा में प्रवेश कर जाते हैं जिससे जन्म लेने वाले बच्चे पर इसका प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा समय पूरा होने से पहले ही डिलीवरी का खतरा बना रहता है। इससे जन्म लेने वाले बच्चे का वजन सामान्य से काफी कम पाया जाता है। अगर ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिला तंबाकू का सेवन करती है तो इससे दूध पीने वाले बच्चे के सेहत पर प्रभाव पड़ता है। इसलिए प्रेगनेंसी या ब्रेस्टफीडिंग से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही तंबाकू का सेवन करें।

किडनी पर प्रभाव- तंबाकू का सेवन करने वाले लोगों में किडनी खराब होने की संभावन ज्यादा होती है क्योंकि तंबाकू का किडनी पर अतिरिक्त प्रभाव पड़ता है जिससे की किडनी डैमेज हो जाती है। इसके अलावा व्यक्ति में क्रोनिक किडनी की बीमारी का भी खतरा लगातार बना रहता है।

हृदय संबंधी बीमारियां-
तंबाकू के सेवन से हृदय और ब्लड प्रेशर संबंधी कई बीमारियां हो सकती हैं। तंबाकू के धुंओं में मौजूद कार्बन डाइ ऑक्साइड ब्लड के ऑक्सीजन कैरी करने की गति को धीमा कर देता है। तंबाकू का सेवन करने वालों में हाई ब्लड प्रेशर, हॉर्ट अटैक और हॉर्ट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इंटरनेशनल टीम के शोधकर्ताओं द्वारा की गई स्टडी में यह पाया गया कि चालीस साल से कम उम्र के लोगों में तंबाकू के सेवन से हॉर्ट अटैक का खतरा पांच गुना अधिक होता है।

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