ज़्यादा सोचना भी आपको मोटा कर सकता है

474

एक नए शोध में यह पाया गया है की अत्यधिक सोचने वाले लोगों में मोटापा ज़्यादा बढ़ रहा है जो की आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इस अनुसन्धान में यह पाया गया की ज्यादा सोचने वाले लोग ज्यादा मात्रा में कैलोरीज का उपभोग करते हैं। 14 छात्रों पर किये गए इस प्रयोग ने चौंका देने वाले नतीजे दिए हैं।

डॉ एंजेलो ट्रेम्ब्ले ने इस जाँच में कुछ बच्चों को पढ़ने और कुछ बच्चों को आराम से बैठ कर कुछ याद करने का कार्य दिया। करीब 45 मिनट बाद इन सभी बच्चों को खाने के लिए बुलाया गया इसमें यह पाया गया की याद करने वाले बच्चे पढ़ने वाले बच्चों से 3 कैलोरी ज़्यादा ले रहे थे। इसके बाद जब उन पर और मानसिक दबाव डाला गया जिसमे उनसे कंप्यूटर टेस्ट और अन्य टेस्ट लिए गए तब यह पाया गया की उन्होंने 253 कैलोरी आम समय से ज़्यादा उपभोग की हैं।

इन सभी बच्चों के मानसिक श्रम के बाद लिए गए ब्लड के नमूनो में भी तनाव से पहले और तनाव के बाद खून में शुगर की मात्रा काफी अधिक पायी गयी।

डॉक्टर्स का यह मत है की यह सब सिर्फ ज्यादा सोचने से हुआ है जिसमे मानसिक तौर पर शरीर के मेटाबॉलिज़्म को भंग कर दिया है। सोचना जीवन की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है मगर अति में की गयी कोई भी चीज़ नुकसानदायक होती है।

अपने जीवन में सही संयोजन बनाने के लिए आप योग एवं कई ऐसी ही कसरतों का इस्तेमाल कर सकते है। इस लेख को लिखने का उद्देश्य सिर्फ आपको इस जानकारी से अवगत कराना था इस प्रयोग को किसी भी बीमारी का आधार समझ लेना अतिश्योक्ति होगी।

“क्या आपको भी है ज़्यादा सोचने की बीमारी”
“अगर डिसीजन लेने में हो रही है परेशानी तो आजमायें ये तरीके”
“सच्चे दोस्तों को होती है आपकी चिंता, वो कभी नहीं कर सकते ये 8 गलत काम”

Add a comment