ट्रैवल इंश्योरेंस क्या होता है और इसके फायदे?

शायद आप भी घूमने-फिरने के शौकीन होंगे और मौका मिलते ही घूमने का प्लान बनाना भी शुरू कर देते होंगे। वैसे घूमना हर किसी को पसंद होता है लेकिन इस मौज-मस्ती के बीच मुश्किलें तब आ जाती हैं जब अनजानी जगहों पर हमारा सामान खो जाता है या कभी ट्रेन या फ्लाइट मिस हो जाती है। ऐसी मुश्किलों से बचने और अपनी छुट्टियों का भरपूर मजा लेने का सबसे आसान तरीका है ट्रैवल इंश्योरेंस लेना।

ऐसे में क्यों ना, आज इसी बारे में बात करें कि ट्रैवल इंश्योरेंस क्या होता है और ये क्यों जरुरी है। तो चलिए, आज जानते हैं ट्रैवलिंग से जुड़े इस इंश्योरेंस के बारे में–

ट्रैवल इंश्योरेंस क्या है – ट्रैवल इंश्योरेंस एक प्रकार का इश्योरेंस है जो आपको यात्रा के दौरान सुरक्षा प्रदान करता है यानी सफर के दौरान मेडिकल खर्चों, सामान के खो जाने या ट्रिप कैंसिल हो जाने जैसे नुकसान और परेशानियों के दौरान ये इश्योरेंस काफी राहत पहुँचाता है। सफर में आने वाली अनचाही परेशानियों से बचाना और नुकसान की भरपाई करवाना इस इश्योरेंस की खासियत है।

ट्रैवल इंश्योरेंस क्यों जरुरी है – अपने देश में कुछ दिनों के लिए घूमने जाने के दौरान भले ही आपको इस इश्योरेंस की ख़ास जरुरत महसूस ना हो लेकिन विदेश यात्रा या लम्बे सफर पर जाते समय आप ट्रिप कैंसिलेशन और सामान चोरी होने का कवर ले सकते हैं ताकि आपको सफर के दौरान परेशानियां ना उठानी पड़े।

यहाँ ये जानना भी जरुरी है कि अगर आपके मौजूदा मेडिकल इंश्योरेंस में विदेश में इलाज का कवर भी शामिल है और होम इंश्योरेंस में ट्रेवलिंग के दौरान सामान का बीमा भी शामिल है और आपके पास पर्सनल एक्सीडेंटल कवर भी मौजूद है तो आपको इस ट्रेवल इंश्योरेंस को लेने की जरुरत नहीं पड़ेगी।

ट्रैवल इंश्योरेंस में कितना कवर लेना चाहिए – ट्रैवल एक्सपर्ट्स के अनुसार, ट्रैवल इंश्योरेंस आपकी ट्रैवल कॉस्ट का 4 से 6 फीसदी होना चाहिए। इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा सामान्य तौर पर कई कैटेगरी के तहत फिक्स्ड ऑप्शंस दिए जाते है जो यात्रा की अवधि, एरिया और बेनेफिट्स के अनुसार तय होते है।

आवेदन करने का सही समय – अपनी ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी को बढ़ाने के लिए, मौजूदा ट्रैवल पॉलिसी की कवरेज ख़त्म होने से 7-10 दिन पहले एक्सटेंशन करवा लेना चाहिए। इसके अलावा यात्रा के दौरान पॉलिसी को एक्स्टेंड करवाने का विकल्प भी मौजूद होता है।

ट्रैवल इंश्योरेंस के बारे में जान लेने के बाद ये जानना भी काफी फायदेमंद होगा कि ये इंश्योरेंस कितने प्रकार का होता है ताकि आप अपनी जरुरत के अनुसार इसका चुनाव आसानी से कर सकें, इसलिए अब जानते हैं ट्रैवल इंश्योरेंस के प्रकारों के बारे में-

डोमेस्टिक ट्रैवल इंश्योरेंस – इस इंश्योरेंस के ज़रिये अपने कस्टमर को किसी भी तरह की इमरजेंसी में आर्थिक सहायता दी जाती है।

इंटरनेशनल ट्रैवल इंश्योरेंस – विदेश यात्रा के दौरान किसी कारणवश पासपोर्ट या डॉक्यूमेंट खो गए हों और इस टूर के दौरान पॉलिसी होल्डर को किसी दुर्घटना के चलते विदेश में इलाज की जरुरत पड़े तो ये इंश्योरेंस उसे विदेश में इलाज के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करता है।

कॉर्पोरेट ट्रैवल इंश्योरेंस – ये इंश्योरेंस उन कर्मचारियों को कवरेज दिलाता है जो डोमेस्टिक या इंटरनेशनल टूर पर जाते हैं।

सीनियर सिटीजन ट्रैवल इंश्योरेंस – इंश्योरेंस का ये प्रकार 61 साल से 70 साल तक के वृद्धजनों की यात्रा को सुगम और खुशनुमा बनाने का काम करता है।

परिवार यात्रा बीमा – परिवार के साथ यात्रा पर जाने के लिए ये इंश्योरेंस करवाया जाता है। इससे यात्रा के दौरान होने वाली किसी भी इमरजेंसी के लिए सहायता मिलती है।

छात्र यात्रा बीमा – हायर स्टडीज के लिए विदेश जाने वाले छात्रों को मेडिकल कवरेज, पासपोर्ट खोने पर मदद दिलाने जैसी सुविधाएँ इस इंश्योरेंस द्वारा प्राप्त होती हैं।

दोस्तों, अब आप जान चुके हैं कि ट्रैवल इंश्योरेंस क्या होता है और ये कितना ज़रूरी होता है इसलिए अगली बार घूमने जाने से पहले अपना ट्रैवल इंश्योरेंस ज़रूर करवा लें ताकि आपको और आपके अपनों को इस खुशनुमा सफर में किसी भी परेशानी का सामना ना करना पड़े और आप खुलकर अपनी यात्रा का आनंद उठा सकें।

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