राकेश शर्मा के जीवन के कुछ अनछुए पहलू

भारत के पंजाब में पैदा हुए राकेश शर्मा भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री थे। भारतीय सेना में कार्यरत राकेश ने इस कीर्तिमान को कर के भारत को उन 14 देशों की श्रेणी में ला दिया जो अंतरिक्ष में मानव को भेजने में सफल रहे। राकेश ने 1971 के बांग्लादेश युद्ध में भी भारतीय सेना की तरफ से हिस्सा लिया था। 1982 में उन्हें अंतरिक्ष यात्रा के लिए चुना गया।

राकेश शर्मा ने 3 अप्रैल 1984 को अंतरिक्ष की यात्रा करके इतिहास रच दिया उनके साथ इस यात्रा में यूर्य मलयशेव और गेन्नाद्य स्ट्रेकलोव भी थे। अंतरिक्ष में 8 दिन बिताने के बाद ये लोग कज़ाकिस्तान में 11 अप्रैल को वापस पृथ्वी पर आ गए।

चलिए उनके जीवन से जुडी कुछ और बातों को विस्तार में विश्लेषित करते हैं।

1. राकेश शर्मा को जितना सम्मान भारत में मिलता था उतना ही सम्मान दुश्मन देशों में भी मिलता था। यह बात बांग्लादेश युद्ध में पाकिस्तान के सैनिकों द्वारा उनको दी गयी इज़्ज़त के सन्दर्भ में कही जाती है।

2. अंतरिक्ष में मानसिक तनाव और अकेलापन दूर करने के लिए उन्होंने योग अभ्यास किया और यह योग उन्होंने अपने सहभागियों को भी सिखाया।

3. एक बार मिग – 21 विमान उड़ाते हुए राकेश की जान बाल बाल बची थी जब वे समय रहते खुद को विमान से एजिक्ट करने में सफल हुए थे।

4. जब राकेश अंतरिक्ष में थे तब उस समय भारत की प्रधानमंत्री श्रीमती इंद्रा गांधी ने उनसे पुछा की भारत अंतरिक्ष से कैसा लगता है तो उन्होंने बस एक जवाब दिया सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा।

5. उस समय कई पत्रिकाओं में यह बात छपी थी की राकेश शर्मा ने चन्द्रमा पर चहलकदमी की थी। जबकि यह बात सरा सर गलत है ऐसा कभी नहीं हुआ था।

6. राकेश शर्मा अपने साथ अंतरिक्ष में सूजी का हलवा भी ले गए थे जो उन्होंने अपने सहभागियों को भी खिलाया।

7. राकेश शर्मा को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था।

8. आज भी जब उनसे पुछा जाता है की क्या वो स्पेस में जाना चाहेंगे तो उनका जवाब हाँ ही होता है। वो कहते हैं की वो अंतरिक्ष के एहसास को कभी बयां नहीं कर सकते।

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