उपभोक्ता फोरम में शिकायत करने से जुड़े सवाल और जवाब

उपभोक्ता मंच के बारे में तो हम सभी जानते हैं क्योंकि कहीं ना कहीं हमने इसका नाम सुना है लेकिन अपने साथ हुयी धोखाधड़ी की शिकायत करने के लिए शायद ही आपने कभी इस फोरम में जाने के बारे में सोचा होगा। लेकिन आपके लिए ये जानना बेहद ज़रूरी है कि किस तरह उपभोक्ता फोरम में शिकायत की जा सकती है और किस तरह एक उपभोक्ता के तौर पर, अपने हक की लड़ाई बहुत आसान तरीके से लड़ी जा सकती है।

ऐसे में क्यों ना आज, हम उपभोक्ता फोरम में शिकायत करने की प्रक्रिया के बारे में जानें। तो चलिए, आज जानते हैं उपभोक्ता फोरम से जुड़े सवालों के जवाब-

शिकायत कौन कर सकता है?
उपभोक्ता कोर्ट में खुद कंज्यूमर शिकायत कर सकता है या कोई पंजीकृत स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठन भी शिकायत दर्ज कर सकता है।

शिकायत कहाँ की जाती है?
शिकायत कहाँ की जाएगी, इसका निर्धारण कंज्यूमर के नुकसान के आधार पर होता है। अगर क्षतिपूर्ति की राशि 20 लाख रुपये से कम हो, तो जिला फोरम में शिकायत की जाती है और ये राशि 20 लाख रुपये से ज़्यादा और 1 करोड़ रुपये से कम होने पर राज्य आयोग में शिकायत दर्ज होती है और अगर राशि 1 करोड़ से ज़्यादा हो तो राष्ट्रीय आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज की जाती है।

शिकायत करने के लिए क्या करना होगा?
शिकायत करने के लिए उपभोक्ता एक सादा कागज़ पर अपनी शिकायत लिख दें, जिसमें उस शिकायत का पूरा ब्यौरा हो और ये भी बताया जाए कि ऐसा कब और कहाँ हुआ। इसके अलावा दर्ज शिकायत में आरोपों के समर्थन में डाक्यूमेंट्स भी लगाने होते हैं। इसके साथ-साथ हानि से जुड़े दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होते हैं और उस राहत के बारे में भी लिखा जाता है जितनी राहत आप चाहते हैं।

इस शिकायत में शिकायत करने वाले और विपरीत पार्टी के नाम और पता जैसी डिटेल्स लिखनी होती है और शिकायत दर्ज करने के लिए किसी वकील की जरुरत नहीं होती है। इस काम में लगने वाला कोर्ट शुल्क भी बहुत कम होता है।

अगर आप शिकायत करने में लेट हो जाएं तो आपको एक एफिडेविट देना होगा। इसके अलावा शिकायत में अपने हस्ताक्षर ज़रूर करें।

शिकायत का निपटारा कैसे होता है?
शिकायत करने की प्रक्रिया पूरी करने के बाद जल्द से जल्द कोर्ट में शिकायत का निपटारा किया जाता है जिसमें ग्राहक को हुयी हानि का भुगतान किया जाता है और ग्राहक की हर संभव सहायता की जाती है।

राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन की तरफ से एक राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर भी दिया गया है- 1800114000 (बीएसएनएल व एमटीएनएल उपभोक्ताओं के लिए) जिसके ज़रिये शिकायत दर्ज करवाना और भी आसान हो जाता है।

दोस्तों, अब आप जान चुके हैं कि ग्राहक के अधिकारों को कितना महत्व दिया जाता है और उसकी तुरंत सहायता का प्रयास भी किया जाता है इसलिए शिकायत करने की प्रक्रिया को इतना सरल और सस्ता बनाया गया है ताकि ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा की जा सकें इसलिए अब से आप भी अपने इस अधिकार का उपयोग कीजिये और व्यापारियों द्वारा की जाने वाली धोखाधड़ी से खुद को बचाइए।

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