आत्मविकास के लिए आज ही छोड़ें ये 5 आदतें

हमारी सफलता और आत्मविकास के लिए कई ऐसी आदतें हैं जिन्हे हमे त्यागने की आवश्यकता है। कुछ ऐसी चीज़ें है जो हम नियमित करते हैं और ये हमारे जीवन और आदत में शुमार हो जाती हैं लेकिन जाने अनजाने में इससे हम अपने ही जीवन को नुक्सान में पहुंचाते हैं। आज हम आपको 5 ऐसी चीज़ें और आदतों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हे हमे तुरंत प्रभाव से छोड़ने की आवश्यकता है ताकि जीवन को सफल बनाया जा सके। हो सकता है आप इनमे से कुछ चीज़ें ना करते हों लेकिन अगर इनमे से कोई भी आदत आपके व्यक्तित्व का हिस्सा हैं तो उन्हें आज ही छोड़ दें।

1. दूसरे की बुराई करना – दूसरों की बुराई करना या दूसरों की बुराई को मजे से सुनना, ये आदत जाने अनजाने में हमारे जीवन का हिस्सा बन जाती है लेकिन ये आदत हमे नकारात्मक बनाती है। इससे बचने के लिए ना तो किसी की बुराई करें और अगर कोई दूसरे लोग किसी की बुराई कर रहे हों तो उन्हें मजे लेकर सुने ऐसा करने से हमारे विचार भी नकारात्मक बनते हैं और हम हमारे मार्ग और सफलता से भटक जाते हैं। बेहतर होगा आप ऐसे लोगों से दूरी बनाकर रखें जो अक्सर दूसरों की बुराई करते हों।

2. खुद की दूसरों से तुलना करना – अक्सर लोगों की आदत होती है की वो खुद की तुलना दूसरों से कर के खुद को दुखी कर लेते हैं। लोग खुद के दुःख से ज्यादा दूसरों की ख़ुशी से जलते हैं और फिर दुखी होते हैं लेकिन ये आदत हमे कभी ऊपर नहीं उठने देती और ऐसे में हम अपनी सक्षमता पर ध्यान नहीं देते और सफलता से दूर होते जाते हैं। अगर कोई व्यक्ति सुखी है या सफल है तो वो उसकी काबिलियत है उससे खुद की तुलना करना व्यर्थ है इससे बेहतर है की हम अपने काम और कार्य कुशलता पर ध्यान दें और अपनी कमियों को दूर करने की कोशिश करें ताकि हममे एक सकारात्मक ऊर्जा आये और हम सफलता के मार्ग पर चलें।

3. दूसरों पर निर्भरता – कई लोगों की आदत होती है की वो इसलिए सफल नहीं हो पाते क्योंकि वो दूसरों पर निर्भर रहते हैं। जब तक हम दूसरों पर निर्भर रहेंगे कभी सफल नहीं हो पाएंगे। इसके लिए खुद जिम्मेदार बनें और आत्म निर्भर बनकर अपने काम करें इससे आप सफल भी होंगे और आपको कई अनुभव मिलेंगे। अपने लिए लक्ष्य न्रिधारित करें और किसी और की मदद की आशा ना रखते हुए खुद उसे पाने के लिए प्रयास करें। दूसरों पर निर्भरता हमारी कायरता और असक्षमता को दर्शाता है।

4. जो बीत गया उस पर अफसोस ना करें – असफलता और गलतियां सभी से होती हैं लेकिन जो बीत गया उस पर अफ़सोस करने से हम हमारा समय व्यर्थ करते हैं। ऐसा करने से ना तो हम आज में जीते हैं और ना भविष्य के बारे में कोई निर्णय ले पाते हैं। बीती हुई बातों पर अफ़सोस करने से बेहतर है की हम उनसे सीख लें और अपने आप को सुधार कर भविष्य के बारे में सोचें ताकि हम एक बेहतर कल का निर्माण कर पाएं। बीती बातों को याद कर दुखी होने से हमारे जीवन में निराशा और नकारात्मकता भर जाती है जो हमे कभी सफल नहीं होने देती और भविष्य के बारे में निर्णय लेने में रूकावट बनती हैं।

5. अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहें – सफल होने के लिए जरुरी है एक लक्ष्य का होना और उससे भी जरुरी है अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहना। आपने जो लक्ष्य निर्धारित किया है उसे पाने तक सिर्फ अपने लक्ष्य के बारे में ही सोचे और उसे पूरा करने पर ही केंद्रित रहें क्योंकि अगर आप दूसरी बातों पर या बीच में आने वाले व्यवधानों पर ध्यान भटकायेंगे तो आप अपने लक्ष्य से विचलित होंगे और आप हताश होने लगेंगे जो की आपको आपके लक्ष्य से दूर कर सकता है।

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