इस तरह पहचानें डायबिटीज के शुरूआती लक्षण

223

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसका एकदम से असर नहीं होता लेकिन अगर उसको शुरुआती दिनों में ही पकड़ लिया जाए तो इसका इलाज करना आसान हो जाता है। आइए आपको बताते हैं डायबिटीज के शुरूआती लक्षण क्या होते हैं और आप इनसे कैसे बच सकते हैं।

डायबिटीज दो प्रकार की होती है टाइप 1 और टाइप 2, टाइप 1 में डायबिटीज बच्चों और युवाओं में होती है और उनको यह बीमारी अनुवांशिक तौर पर मिलती है। हालांकि ऐसे मामले बहुत कम होते हैं।

दूसरी होती है टाइप 2 और इसमें डायबिटीज होने की खास वजह होती है हमारी जीवन शैली और खानपान। डायबिटीज आज दुनियाभर में बहुत ही तेजी से फैल रही है। आइए जानते हैं इन दोनों टाइप के डायबिटीज को शुरुआती दिनों में पहचानने का तरीका।

टाइप 1

इस तरह की डायबिटीज में शरीर में इंसुलिन बनना बंद हो जाता है, इससे हमारा ग्लूकोज बिल्कुल सही तरह से नहीं बनता और कोशिकाओं तक नहीं पहुंचता। इस कारण बचपन से ही ऐसे रोगियों को इंसुलिन लेना पड़ता है।

टाइप-2

इस तरह की डायबिटीज उम्र के साथ-साथ आती है साथ ही आरामदायक जीवन शैली और बिगड़े खान पान के चलते यह बीमारी धीरे धीरे हमारे शरीर को लगती है। इसमें शरीर धीरे धीरे शुगर को ऊर्जा में बदलना रोक देता है।

आइए जानते हैं इस तरह की डायबिटीज के शुरुआती लक्षण क्या-क्या होते हैं –

तेज प्यास लगना

अगर आपको बार-बार और तेज प्यास लगती है तो यह डायबिटीज टाइप 2 के संकेत हो सकते हैं। ज्यादातर समय मुंह में सूखापन रहना और भूख लगना डायबिटीज टाइप 2 होने को दर्शाता है।

शारीरिक तकलीफ

डायबिटीज में अक्सर सिर में दर्द रहता है नजरें कमजोर होने लगती है और बिना वजह शरीर में थकावट रहने लगती है। अगर किसी को ऐसे लक्षण महसूस हो तो उन्हें शुरुआती दौर में ही डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए ताकि समय रहते डायबिटीज पर नियंत्रण पाया जा सके।

नींद न आना

डायबिटीज से पीड़ित लोगों को नींद ना आने जैसी समस्या रहती है और उनके हाथ पैर अक्सर झन्नाते रहते हैं।

गंभीर संकेत

डायबिटीज टाइप 2 के दूसरे भी कई ऐसे लक्षण हैं जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं जैसे फुंसी फोड़े होना या घाव का बहुत देर बाद भरना, खुजली होना, मूत्र नलिका में इन्फेक्शन होना, जननांगों या जांघ और पिंडलियों में खुजली और दर्द होना इत्यादि।

वैसे आपको बता दें की डायबिटीज अक्सर मोटे और आलसी लोगों को होती है। इसके अलावा ज्यादा सिगरेट पीने वाले लोगों को भी डायबिटीज होने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा जो लोग ज्यादा मीठा खाने के और लाल मीट खाने के शौकीन होते हैं उन्हें भी डायबिटीज होने का खतरा बना रहता है।

यूँ तो साधारणतः डायबिटीज का पता करीब 45 साल की उम्र में चलता है लेकिन आजकल की बिगड़ी जीवन शैली के चलते डायबिटीज 25 से 30 साल के युवाओं को भी होने लगी है।

डायबिटीज से दूर रहने के लिए अपनी जीवनशैली में करें ये बदलाव

डॉक्टर से तुरंत जाँच करवाएं

अगर आपको बताए गए लक्षणों से लगता है कि आपको भी डायबिटीज होने का खतरा लगता है तो जल्द से जल्द और नियमित रूप से डॉक्टर से जांच जरूर कराएं। साथ ही कसरत और शारीरिक मेहनत करें जिससे आपका शुगर लेवल कम होगा साथ ही नींद भी अच्छी आएगी।

खुद के लिए 30 मिनट निकालें

अगर आपको डायबिटीज से दूर रहना है तो अपने लिए हर रोज 30 मिनट कसरत के लिए जरूर निकालें। अगर आपको डायबिटीज नहीं हुई है तो आपको डायबिटीज होने का खतरा कम होगा और अगर आपको डायबिटीज है तो कसरत से आपकी डायबिटीज नियंत्रित रहेगी।

आहार में शामिल करें ये खुराक

ध्यान रखें डायबिटीज के रोगियों को कभी भरपेट खाना नहीं खाना चाहिए बल्कि 3-3 घंटे के अंतर से हल्का हल्का भोजन लेना चाहिए। डायबिटीज के रोगियों को प्याज, भिंडी, पत्ता गोभी, खीरा, टमाटर, दही, दाल, पपीता और हरी सब्जियां अपने आहार में शामिल करनी चाहिए ये काफी लाभकारी होती हैं।

मिक्स खाना

सभी प्रकार के आहार में अलग-अलग तरह के बैक्टीरिया होते हैं इसलिए बेहतर होगा कि आप पर फल, अनाज, सब्जी, बीज और रेशेदार फलियों को मिलाकर एक संतुलित डाइट बनाएं। इससे आंतों में अलग-अलग बैक्टीरिया का अनुपात सही बना रहेगा।

“हमारा शरीर पहले ही दे देता है दिल की बीमारियों के संकेत, जानिए कैसे”
“सिरदर्द को हलके में ना लें, इन गंभीर बीमारियों के हो सकते हैं संकेत”
“शरीर की इन छोटी छोटी तकलीफों को ना करें नजर अंदाज, हो सकती है बड़ी बीमारी का संकेत”

Add a comment