महिलाओं से सीखें यह आदत

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नेगोशिएशन स्किल

आपने कभी न कभी किसी पुरूष के मुंह से यह अवश्य सुना होगा कि यार, औरतेँ तो बहुत ही झिकझिक करती हैँ। जिसे लोग आमतौर पर झिकझिक का नाम देते हैँ, वह वास्तव मेँ उनका नेगोशिएशन स्किल है। यह कोई बुरी आदत नहीँ है, बल्कि एक कला है। अगर आप गौर से देखेंगे तो आपको समझ मेँ आएगा कि तोल-मोल करने की इस आदत की जरूरत जीवन के हर क्षेत्र मेँ होती है। वैसे अधिकतर महिलाओँ मेँ तो यह गुण जन्मजात ही होता है, लेकिन पुरूषोँ को भी इस गुण को अपना लेना चाहिए। तो आईए जानते हैँ नेगोशिएशन स्किल के महत्व के बारे मेँ-

निकलता है बेस्ट रिजल्ट

केवल खरीदारी करते समय ही नेगोशिएशन स्किल की आवश्यकता नहीँ पडती। लेकिन जीवन के हर क्षेत्र मेँ हम कहीँ न कहीँ इस गुण का प्रयोग करते हैँ। यह आपको सिर्फ आंतरिक रूप से ही बेहतर नहीँ बनाता, बल्कि बाहरी जीवन मेँ भी इस कौशल की आवश्यकता पडती है। दरअसल, जिन लोगोँ मेँ यह गुण होता है, वह हर स्थिति व कार्य मेँ बेस्ट रिजल्ट निकालने मेँ सक्षम होते हैँ। फिर चाहे बात घर की हो या ऑफिस की। जहाँ ऑफिस मेँ आप अपने नेगोशिएशन स्किल की मदद से बॉस या किसी क्लाइंट की बात पूरी तरह न मानकर कुछ बातेँ अपने फेवर मेँ भी मनवा सकते हैँ। वहीँ वैवाहिक जीवन का दूसरा नाम ही एडजस्टमेंट है। जो लोग नेगोशिएशन करने मेँ अच्छे होते हैँ, उनका वैवाहिक जीवन भी बेहतर होता है। यहाँ तक कि बहुत सी राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय समस्याओँ का हल आपसी बातचीत व बातचीत के दौरान नेगोशिएशन से ही निकलता है।

मिलती है सफलता

जो लोग नेगोशिएट करने मेँ अच्छे होते हैँ, वे जीवन मेँ आसानी से सफलता प्राप्त कर लेते हैँ।
क्योंकि उनमेँ एडजस्ट करने व कराने की अदभुत क्षमता होती है। इतना ही नहीँ, ऐसे लोगोँ के व्यक्तित्व के काफी पहलू देखने को मिलते हैँ। वह सामने वाले व्यक्ति के मन-मस्तिष्क को आसानी से समझ लेते हैँ। उन्हेँ पता होता है कि सामने वाला व्यक्ति उनकी बात कहाँ तक मानेगा और कहाँ पर उन्हेँ सामने वाले व्यक्ति की बात माननी पडेगी। कभी-कभी जब उनके जीवन मेँ परिस्थितियाँ उलझ जाती हैँ तो यही तोल-मोल की आदत उन्हेँ कठिन परिस्थितियोँ से बाहर निकालने मेँ मदद करती है। निगोशिएशन एक ऐसा द्वार है जो बन्द रास्तोँ को भी खोल देता है।

यूँ करेँ विकसित

जहाँ कुछ लोगोँ के भीतर नेगोशिएशन स्किल होता है, वहीँ अगर आप चाहेँ तो इस गुण का संचार अपने भीतर कर सकते हैँ। इसके लिए आपको केवल कुछ कदम उठाने होंगे। किसी भी स्थिति मेँ आप खुद को सामने वाले व्यक्ति के स्थान पर रखकर देंखे। और यह समझने की कोशिश करेँ कि अगर आप उस स्थिति मेँ होते तो क्या बात मान जाते। जब आप सामने वाले व्यक्ति की स्थिति को अच्छी तरह समझ पाने मेँ सक्षम हो जाएंगे तो आपके अन्दर भी नेगोशिएशन स्किल डेवलप हो जाएगा।

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