जानिए गणतंत्र दिवस पर क्योँ दिया जाता है बहादुर बच्चों को पुरुस्कार।

ये तो हम सब जानते हैं की 26 जनवरी को बहादुर बच्चों को राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाता है पर क्या आप जानते हैं ऐसा क्योँ किया जाता है ?

तो आइये आज हम इस सवाल का जवाब आपको बताते हैं। भारत का पहला बहादुरी पुरस्कार हरीश चन्द्र महरा को दिया गया था जिन्होंने 2 अक्टूबर 1957 को रामलीला मैदान में जवाहर लाल नेहरू जी की जान बचाई थी। हुआ कुछ ऐसे था की शाम के 5.30 का वक़्त था जैसे ही रामलीला के बाद आतिशबाज़ी की गयी तो वह आग उस शामियाने में जा लगी जहाँ सारे गणमान्य व्यक्ति बैठे थे जिनमे जवाहरलाल नेहरू भी एक थे। तब इस बहादुर बच्चे ने अपनी जान की फ़िक्र न करते हुए इन सभी लोगों की जान बचायी जिसमे इस बच्चे के हाथ गंभीर रूप से घायल भी हो गए थे।

इस हादसे के बाद जब यह बच्चा ठीक होके स्कूल गया तब उस स्कूल के प्रिन्सिपल ने उसे बताया की उसे पहले गैलेंट्री अवार्ड के लिए चयनित किया गया है जो की तुम्हे त्रिमूर्ति भवन में 4 फरवरी 1958 को दिया जायेगा।

इसके बाद कई अख़बारों ने भी इस बात को प्रकाशित किया और धीरे धीरे समय के साथ यह अवार्ड एक चलन बन गया।

तो यह थी इन अवार्ड्स की शुरुआत जो की तब से अब तक बदस्तूर जारी है। हमारा इन बच्चों को सलाम।

अगर आप किसी विषय के विशेषज्ञ हैं और उस विषय पर अच्छे से लिख सकते हैं तो जागरूक पर जरुर शेयर करें। आप अपने लिखे हुए लेख को info@jagruk.in पर भेज सकते हैं। आपके लेख को आपके नाम, विवरण और फोटो के साथ जागरूक पर प्रकाशित किया जाएगा।
शेयर करें

रोचक जानकारियों के लिए सब्सक्राइब करें

Add a comment