हंसना क्यों जरूरी है?

सितम्बर 12, 2016

यह बात हम सब ने हर जगह सुनी होगी कि हंसना हमारी सेहत के लिए बहुत जरुरी है। यह सच भी है कि हंसी मजाक में गुजारे गए पल हमको बहुत तरीकों से मानसिक और शारीरिक शांति प्रदान करते हैं। जरा सोचिए जब आप छोटे थे और अपना जीवन हंसी खुशी गुजारते थे तो सब कुछ कितना सरल लगता था। लेकिन जैसे जैसे आप बड़े होने लगे तो जिंदगी की आपाधापी में हंसना ही भूल गए और तनाव ग्रस्त होते चले गए। क्या कभी आपने सोचा है कि कितने समिलीस आप Whatsapp या Facebook पर बनाते हैं क्या कभी साधारण जीवन में उतना हंसते भी है। इसीलिए आज हम इस विषय से सम्बंधित कुछ जानकारी आप सभी से साझा करेंगे।

हंसना आपके व्यक्तित्व निर्माण के लिए बहुत आवश्यक है यदि आपके चेहरे पर हंसी रहेगी तो आप उदासी, तनाव, अवसाद, चिंता ईर्षा, क्रोध आदि सभी कुरीतियों पर काबू पा सकेंगे। हंसी से आप अपने जीवन को चमत्कारी ढंग से परिवर्तित भी कर सकेंगे।

आज के इस टेक्नोलॉजी के युग में दफ्तरों में भी हंसी खुशी का माहौल कायम रखने के लिए ऐसे व्यक्ति नियुक्त किए जाते हैं जो वर्कप्लेस की गंभीरता को दूर कर सकें। इन व्यक्तियों को ह्यूमर कंसल्टेंट कहा जाता है। ऐसा करने के पीछे यह माना जाता है कि हंसी खुशी के माहौल में व्यक्ति दोगुना गति से कार्य करता है। उसकी कार्य क्षमता को भी एक प्रबलता मिलती है। वह अपने बॉस से बेहतर संवाद कर सकता है। व्यक्ति हमेशा चुस्त और फुर्तीला भी रहता है।

आप माने या न माने मुस्कुराहट एक ऐसी वस्तु है जिसे हम सबको मुफ्त में दे सकते हैं। अगर आप अपने जीवन में मुस्कुराने को एक अभिन्न अंग बना लेंगे तो आप निश्चित ही बहुत ऊंचाइयों तक जाएंगे और आपके आत्मविश्वास में भी एक अनूठी वृद्धि होगी।

लोग आपके साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त गुजारना चाहेंगे और आप अपने प्रति किसी को भी आकर्षित कर सकते हैं। महात्मा गांधी, चर्चिल, अब्राहम लिंकन, बनार्ड शा, सुकरात यह वह लोग है जिन्होंने अपनी मुस्कुराहट विनोद प्रियता के कारण पूरे विश्व को अपनी ओर आकर्षित और चिंता मुक्त रहें।

मुस्कुराने की क्या-क्या गुण है चलिए जानते है-

लेकिन मुस्कुराने के लिए भी यह बातें ध्यान रखने योग्य है-

अब जरा सोचिए आप दिन में कितनी बार खिलखिलाकर हंसते हैं। आप सभी के दिमाग में यह विचार आएगा कि आप लोगों की हंसी गायब हो चुकी है। हम तो यहां तक कहेंगे कि अगर एक दिन आप बिना हंसे गुजारते हैं तो उस दिन आप का जीना ही व्यर्थ है।

अगर आप इस तरीके से जी रहे हैं तो यह मान लीजिए कि आप अपनी जिंदगी को व्यर्थ ही गवा रहे हैं। अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए दिन रात मेहनत करना गलत नहीं है लेकिन अगर उससे आपकी मानसिक शांति और संतुलन बिगड़ रहा है तो इसका मतलब यह है कि आपकी लाइफ बैलेंस नहीं है। हम आशा करते हैं कि हमारा यह लेख आपको बैलेंस लाइफ जीने के लिए प्रेरित करेगा।

“सेहत की सच्ची गवाही देते हैं नाखून”
“ज़्यादा नमक है सेहत के लिए ख़तरनाक”
“सेहत के लिए बादाम है बेहद फायदेमंद”

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