गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को ही क्योँ मनाया जाता है?

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यह प्रश्न आप सब के दिमाग में आता होगा की जब हम 15 अगस्त 1947 को स्वाधीन हो गए थे तो भारत को गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 1950 को क्योँ किया गया? तो आइये इस गुत्थी को हम आपके लिए सुलझा देते हैं। यह बात अभी बेमानी लगती है पर एक समय था जब भारत के नेता पूर्ण स्वराज की कामना नहीं रखते थे तब इस बात को ज्यादा महत्व दिया जाता था की भारतीय नागरिकों को ब्रिटिश नागरिक जितना दर्ज़ा मिले।

पर 1927 में भगत सिंह के द्वारा दिए गए पूर्ण स्वराज के मुद्दे को कोंग्रस ने भी अपनाया और पूर्ण स्वराज की मांग को मज़बूती दी। उस समय के युवा कोंग्रेसी जवाहरलाल नेहरू और सुभाष चन्द्र बोस ने भी इस मांग को प्रबल किया और यह मांग रखी की भारत को पूर्ण स्वराज मिले।

इसी तरह 1928 में कांग्रेस ने यह बिल पास किया की अब वो लोग भी पूर्ण स्वराज की मांग रखेंगे और ब्रिटिश हुकूमत के सामने इस बात को प्रबलता पूर्वक पेश किया जायेगा।

उसी समय यह बात भी तय कर ली गयी की 1930 के आखरी रविवार को भारत का स्वाधीनता दिवस मनाया जायेगा और उस समय यह तारीख 26 थी उस समय भारत पूरी तरह से आज़ाद नहीं हुआ था पर फिर भी भारतियों ने यह दिन उत्साह पूर्वक मनाया।

भारत को आज़ादी मिलने के बाद हमारा संविधान 26 नवंबर 1949 को तैयार हो गया था मगर तब भारतीय राजनेताओं ने सर्व-सम्मति से यह तय किया की 2 माह का इंतज़ार कर के 26 जनवरी 1950 को भारत को गणतंत्र घोषित किया जाये। तो इस तरह से गणतंत्र दिवस की यह तारीख इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज़ हो गयी।

जय हिन्द

“बुरी आदतों को रोकना क्यों है मुश्किल”

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