रिकॉर्डिंग के बाद आपको अपनी आवाज़ अलग क्योँ लगती है

हम में से कई लोगों ने यह बात गौर की होगी की जब भी हम आवाज़ को रिकॉर्ड करके सुनते है तो वो अलग सुनाई देती है। मगर क्या आपने कभी यह सोच है की ऐसा क्योँ होता है ? नहीं ना तो चलिए आपको बताते है।

इसके पीछे यह कारण है की जब भी हम कोई आवाज़ सुनते है तो वो ध्वनी तरंग हवा के ज़रिये पहुँचती है। मगर जब हम खुद की आवाज़ सुनते है तो वो अंदर से आती है तो उसकी क्षमता दूसरी आवाज़ों के मुकाबले थोड़ी काम होती है। इसी वजह से जब वही आवाज़ आप रिकॉर्ड करके सुनते है तो हवा के साथ उसकी भी क्षमता भी बढ़ जाती है।

अगर सीधे शब्दों में कहा जाए तो बाहरी आवाज़ के प्रति हमारा ध्यान ज़्यादा होता है और जब हम अपनी ही आवाज़ को बाहरी माध्यम से सुनते है तो वो अलग प्रतीत होती है। इसीलिए आप रिकॉर्डर को दोष मत दीजिये क्यौंकि यह रिकॉर्डर का नहीं आपके आंतरिक सुनने के तरीके का दोष है। इसे दोष भी नहीं कह सकते यह एक प्रक्रिया है जो पहले से ही परिमार्जित है।