वायरलेस चार्जिंग क्या है?

जनवरी 31, 2018

हो सकता है कि आईफोन 8, आईफोन 8 प्लस, आईफोन X, सैमसंग गैलक्सी S8, गैलेक्सी S7, नोट 8 में आपने वायरलेस चार्जिंग देखी होगी और इस नयी टेक्नोलॉजी ने आपको हैरानी में डाल दिया होगा। ऐसे में आप भी जानना चाहते होंगे कि आखिर बिना वायर के चार्ज करने की ये तकनीक काम कैसे करती होगी। तो क्यों ना आज, हम इसी बारे में बात करें कि वायरलेस चार्जिंग कैसे अपना कमाल दिखाती है। तो चलिए, आज जानते हैं चार्जिंग के इस नए तरीके के बारे में-

ज़्यादातर वायरलेस चार्जर मैग्नेटिक इंडक्शन का इस्तेमाल करते हैं जिससे यूजर को डिवाइस चार्ज करने के लिए किसी वायर की जरुरत नहीं पड़ती बल्कि चार्जर पर रखते ही डिवाइस का चार्ज होना शुरू हो जाता है । भले ही वायरलेस चार्जर को स्मार्टफोन या स्मार्टवॉच से कनेक्ट नहीं करना पड़ता है लेकिन इस चार्जर को काम करने के लिए दीवार से प्लग करना ज़रूरी होता है।

वायरलेस चार्जर के काम करने का तरीका-

वायरलेस चार्जिंग की ये तकनीक भारत में नयी है। इससे एनर्जी की बचत भी होती है और इलेक्ट्रिक शॉक का खतरा भी नहीं रहता। लेकिन इस एडवांस तकनीक में भी कुछ ख़ामियां मौजूद हैं। वायरलेस चार्जिंग में लगने वाला समय काफी ज़्यादा होता है और फोन चार्ज होते समय फोन के कोइल और चार्जर के कोइल का मिला हुआ रहना ज़रूरी होता है। ज़रा सा हिलते ही चार्ज होना रुक जाता है। ऐसे में लगता है कि इस टेक्निक में अभी कुछ सुधार होने ज़रूरी है।

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