दुनिया के 10 सबसे चौंकाने वाली सामूहिक आत्महत्याएं

जब लोग अपने जीवन में निराश की हद तक पहुँच जाते हैं तो कुछ लोगों को अपने हालात से चुकतार पाने के लिए सिर्फ एक ही रास्ता नजर आता है और वो है आत्महत्या। आज हम आपको दुनिया के कुछ ऐसे ही चौंकाने वाले किस्सों के बारे में बताने जा रहे हैं जब लोगों ने सामूहिक आत्महत्या का कदम उठाया।

1. Demmin शहर में 1000 लोगों ने की सामूहिक आत्महत्याएं

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान रूसी लाल सेना की क्रूरता बढ़ती जा रही थी और ऐसे में Demmin शहर के करीब 1000 लोगों ने रूसी लाल सेना द्वारा की जाने वाली हत्या और बलात्कार के डर से सामूहिक आत्महत्याएं कर ली थी।

2. “Heaven’s Gate Away” टीम के 39 लोगों ने की सामूहिक आत्महत्या

26 मार्च 1937 को 39 लोगों ने आत्महत्या कर अपनी जान ले ली थी। दरअसल इन लोगों को किसी ने भ्रमित कर ये बात इनके दिमाग में बैठा दी थी की आत्महत्या करने से वो दूसरी दुनिया का हिस्सा बन पाएंगे और दूसरी दुनिया से उन्हें लेने वहां की उड़नतश्तरी आएगी। इससे भ्रमित होकर इन 39 लोगों ने वोदका और अनानास के साथ Phenobarbital का सेवन कर अपनी जान ले ली थी।

3. धार्मिक पंथ Movement for the Restoration of the Ten Commandments के 778 लोगों ने ली अपनी जान

Movement for the Restoration of the Ten Commandments नाम के धार्मिक पंथ के 778 लोगों ने सामूहिक आत्महत्या कर ली थी। इस धार्मिक पंथ के सदस्यों का ये मानना था की इनका जन्म सिर्फ ईसा के 10 धर्मादेशों को मानने और उनके प्रचार-प्रसार के लिए ही हुआ है।

4. बादुंग शहर के परिवारों ने एक दूसरे की ली जान

सन् 1906 मे डच आर्मी ने बाली के बादुंग शहर पर हमला बोल दिया था और बादुंग शहर की सेना और सरकार को ये लग गया था की वो डच आर्मी से जीत नहीं पाएंगे इसके परिणामस्वरूप बादुंग शहर के लोगों ने अपने ही परिवार के लोगों को माना शुरू कर दिया।

5. 900 लोगों ने मसादा की घेराबंदी में ली खुद की जान

रोमवासियों के अत्याचार के चलते करीब 900 लोग 12 सालों तक खुद को जूदियन रेगिस्तान में स्थित मसादा के किले में छुपाये बैठे थे लेकिन रोम के राजा लूसियस फ्लेवियस सिलवियस ने इन लोगों को ढूंढ निकाला था और इन पर हमला करने की पूरी तयारी कर ली थी लेकिन इससे पहले ही वो 900 लोग अपनी जान ले चुके थे।

6. 1945 जर्मनी में हजारों लोगों ने जहर खाकर की सामूहिक आत्महत्या

सन् 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी को लग गया था की वो हारने वाले हैं इसके चलते जर्मनी के हजारों लोगों ने sसाइनाइड कैप्सूल खाकर खुद को ख़त्म कर लिया था।

7. 22,000 लोगों ने जापान की एक चट्टान से कूद कर दी जान

अमरीका के हमले के चलते जापान के करीब 22,000 लोगों ने साइपान नाम की एक चट्टान से कूद कर खुदखुशी कर ली थी।

8. चित्तौड़ की रानी और कई महिलाओं ने सन् 1535 में की सामूहिक आत्महत्या

राचीन काल में राजपूत घरानों की औरतें युद्ध में हारने के बाद सामूहिक आत्महत्या कर लेती थीं जिसे “जोहर” कहा जाता है। सन् 1528 में राणा सांगा खानवा के गुजर जाने के बाद मेवाड़ और चित्तौड़ की जिम्मेदारी उनकी विधवा पत्नी रानी कर्णवती के कन्धों पर आ गई। बाद में गुजरात के बहादुर शाह ने चित्तौड़गढ़ पर कब्ज़ा कर लिया और रानी कर्णवती असहाय हो गई ऐसे में 8 मार्च, 1535 को रानी कर्णवती समेत राज्य दूसरी महिलाओं ने भी सामूहिक आत्महत्या कर “जौहर” कर लिया।

9. 1994 में इस आधुनिक दुनिया के हमलों से बचने के लिए लोगों इन ली खुद की जान

दरअसल 1994 में सोलर मंदिर के सदस्यों ने वर्तमान और आधुनिक दुनिया के हमलों से बचने के लिए खुद की जान ले ली थी।

10. 1978 में एक धार्मिक संगठन के 900 लोगों ने ली खुद की जान

गुयाना के जोन्सटाउन में 18 नवम्बर सन् 1978 को People Temple Group नाम के एक धार्मिक संगठन के करीब 900 लोगों की जहर खाने की वजह से मौत हो गई थी। इस घटना में पाया गया था की इनमे से करीब 300 बच्चों को जबरदस्ती जहरीले इंजेक्शन लगाये गए थे।

शेयर करें

रोचक जानकारियों के लिए सब्सक्राइब करें

Add a comment