याद्दाश्त कमजोर होने के कारण

सितम्बर 25, 2017

कहा जाता है कि उम्र बढ़ने के साथ हमारी याद्दाश्त कमजोर होती जाती है लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि भूलने की बीमारी किसी भी उम्र में किसी को भी लग सकती है। जरूरत से ज्यादा चिंता, तनाव और डिप्रेशन का असर व्यक्ति के दिमाग पर पड़ता है जिसकी वजह से उसकी मेमोरी कमजोर होने लगती है। दिमाग कमजोर पड़ने पर व्यक्ति में डिमेंशिया या अल्जाइमर का भी खतरा बना रहता है।

जब किसी व्यक्ति को एक या दो सेकेंड पहले घटी कोई घटना, कोई यादगार पल या पुरानी बात याद दिलाने पर भी याद नहीं आती तो यह इसका सबसे गंभीर लक्षण है। याद्दाश्त में कमी होने की बीमारी अचानक ही शुरू होती है और दिनों दिन और कम होती जाती है। आइए जाने याद्दाश्त कमजोर होने के कौन-कौन से कारण हो सकते हैं।

नींद की कमी – अच्छी तरह से नींद न आने की वजह से व्यक्ति को भूलने की बीमारी लग जाती है। पर्याप्त नींद नहीं लेने पर व्यक्ति को चिड़चिड़ापन आता है और मूड खराब रहता है जिससे उसके दिमाग पर प्रभाव पड़ता है और उसकी याद्दाश्त कमजोर होने लगती है।

दवा के सेवन से – डिप्रेशन और ब्लड प्रेशर की दवा खाने से व्यक्ति को भूलने की बीमारी लग जाती है। इससे व्यक्ति को चक्कर आता है और उसे भ्रम की स्थिति पैदा होती है। इसकी वजह से नई चीजों पर उसका ध्यान नहीं जाता है। अगर दवा लेने के बाद आपकी याद्दाश्त कमजोर हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से बात करें।

थॉयराइड – जब थॉयराइड ग्लैंड अधिक मात्रा में हार्मोन उत्पन्न नहीं कर पाता है तो याद्दाश्त प्रभावित होती है। थॉयराइड की समस्या होने नींद कम आती है जिसकी वजह से डिप्रेशन होता है। इन दोनों कारणों से व्यक्ति की यादाश्त कमजोर होने लगती है। अगर आपको ऐसा महसूस हो रहा हो तो अपना ब्लड टेस्ट कराएं।

एल्कोहॉल – ज्यादा एल्कोहॉल पीने से याद्दाश्त कमजोर होने लगती है। इसके अलावा जब तक एल्कोहॉल का प्रभाव शरीर में बना रहता है तब तक दिमाग ठीक से काम नहीं करता है। हालांकि इसका असर अलग-अलग लोगों में अलग होता है। महिलाओं को दिन भर में एक बार और पुरुषों को दो बार से ज्यादा एल्कोहॉल का सेवन नहीं करना चाहिए।

चिंता और तनाव – अगर आप किसी चीज पर ठीक से ध्यान नहीं लगा पा रहे हैं तो आपको दिमाग से संबंधित समस्या हो सकती है। यह तनाव और चिंता की वजह से ही होता है। तनाव और चिंता आपके ध्यान को बाधित करते हैं और नई चीजें दिमाग में जाने नहीं देते इससे भूलने की बीमारी हो सकती है।

डिप्रेशन – ज्यादातर दुखी रहना, किसी भी चीज का आनंद न लेना और लोगों से कटे-कटे से रहना डिप्रेशन के लक्षण हैं। याद्दाश्त कमजोर होना भी डिप्रेशन का ही कारण है।

सिर में चोट लगना – अगर बचपन में फिर किसी एक्सीडेंट में आपको सिर में चोट लगी हो तब भी आपको भूलने की समस्या हो सकती है। अगर दिमाग में सही तरीके से खून का प्रवाह नहीं हो रहा हो तो एम्नेशिया यानि की भूलने की बीमारी होने का खतरा बना रहता है।

“याददाश्त बढ़ाने के कारगर घरेलू तरीके”

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